RB डेटॉल हार्पिक ‘‘बनेगा स्वच्छ इंडिया’’ कार्यक्रम के साथ प्रदान कर रहा है ‘स्वस्थ, साफ और स्वच्छ कुंभ अनुभव’

नई दिल्ली। स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में व्यवहार परिवर्तन लाने के उद्देश्य के साथ, दुनिया की प्रमुख उपभोक्ता स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कंपनी रेकिट बेंकाइजर ने आज कुंभ मेले में ‘हाथ की सफाई’ और ‘स्वच्छता’ पर केंद्रित अपने जागरूकता अभियानों का अनावरण किया। इस साल लगभग 12 करोड़ लोगों के कुंभ में आने के साथ, इसके दुनिया का सबसे बड़ा मेला होने की उम्मीद है और इस लिहाज से साफ और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण बन गया है। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुंभ मेला 2013 के दौरान डायरिया संबंधी बीमारियों में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
अभियानों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मेले में आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री के मन में सफाई और स्वच्छता की जिम्मेदारी शीर्ष पर हो। डेटॉल द्वारा चलाए जा रहे हाथ धोना हर बार अभियान का उद्देश्य आकर्षक टैगलाइन, जैसे ‘हर धरम का भोजन संस्कार, हाथ धोना हर बार’, ‘बीमारियों से बचने का उपचार, हाथ धोना हर बार’, ‘शौच का सही व्यवहार, हाथ धोना हर बार’, के साथ हाथ धोने के अवसरों के बारे में बताना है। अभियान का उद्देश्य लोगों को रोगाणु मुक्त रहने के लिए हाथ धोने के महत्व के बारे में शिक्षित करना है। शौचालय स्वच्छता के प्रति जागरूता बढ़ाने के लिए, हार्पिक ने ‘होगा टॉयलेट विधि का ज्ञान, तो बढ़ेगा कुंभ का मान’ अभियान को पेश किया है, जो आगंतुकों को बताता है कि उपयोग के बाद हर बार पानी डालना चाहिए, यह शौचालय का उपयोग करने वाले अगले व्यक्ति के प्रति सम्मान का संकेत है।
दूर-दराज से कुंभ में आने वाले तीर्थयात्रियों के बीच अपने अभियानों के संदेश पहुंचाने के लिए डेटॉल और हार्पिक ने अभिनव तरीके अपनाए हैं। कुंभ परिसर के भीतर नुक्कड़ नाटकों के आयोजन के साथ-साथ कुंभ के आसपास स्थित सभी 54 गांवों में बड़े-बड़े दीवार चित्र बनाए गए हैं। इन अभियानों के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए सही दृश्य प्रतिनिधित्व किया गया है, इससे इनका प्रभाव महत्वपूर्ण होगा। डेटॉल ने ‘हैंड मैस्कॉट्स’ को तैनात किया है, जो किटाणुओं के संपर्क में आने वाले हाथों की कहानी बताएगा और लोगों को हाथ धोने की जरूरत और आदत के बारे में शिक्षित करेगा। मैस्कॉट्स व्यक्तिगत स्वच्छता को प्रोत्साहित करने के लिए डेटॉल साबुन का वितरण भी करेंगे।
RB साउथ एशिया हेल्थ के चीफ मार्केटिंग ऑफसिर, पंकज दुहान ने कहा, ‘‘कुंभ एक वैश्विक कार्यक्रम है। इस साल कुंभ में आने वाले लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए, इन 54 दिनों के दौरान लाखों हाथ धोने की उम्मीद है। हम दृढ़ता से यह मानते हैं कि हाथ धोने की जरूरत को उजागर करने के लिए एक बहुत बड़ा मंच है। यदि हम अपने संदेश ‘हाथ धोना हर बार’ को 50 प्रतिशत आंगतुकों तक भी पहुंचा पाए और उन्हें हाथ धोने की आदत के महत्व के बारे में समझा पाए, तो यह डेटॉल के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। यह अभियान लोगों को बेहतर हाथ की सफाई आदतों को अपनाने के प्रति प्रभावित करेगा, जो प्रत्यक्ष तौर पर वास्तविक व्यवहार परिवर्तन को प्रतिबिंबित करेगा जब वह अपने घर वापस जाकर इस आदत को जारी रखेंगे।”
RB हाइजीन होम, साउथ एशिया की सीएमओ, मार्केटिंग डायरेक्टर, सुखलीन अनेजा ने कहा, “इस साल कुंभ मेले में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिनकी संख्या कुल आगंतुकों का लगभग 60 प्रतिशत है। महिलाओं के लिए निजता बनाए रखने के महत्व के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि उनके पास बुनियादी सुविधाएं हों और उनकी सुरक्षा के लिए स्वच्छ शौचालय अत्यंत आवश्यक है। ‘टॉयलेट विधि’ के साथ हम लोगों को संवेदनशील बनाना चाहते हैं और अच्छे शौचालय शिष्टाचार के प्रति उनके दृष्टिकोण में बदलाव लाना चाहते हैं जो उस अगले आदमी के प्रति सम्मान दिखाएगा, जो उनके बाद शौचालय का उपयोग करेगा। हम आशा करते हैं कि यह आदत लोगों के मन में हमेशा बनी रहे ताकि हर कोई एक स्वच्छ शौचालय का अनुभव हासिल कर सके।”
RB इंडिया के प्रमुख, एक्सटर्नल अफेयर्स और पार्टनरशिप, रवि भटनागर ने कहा, “इस साल होने वाले महा कुंभ के अभी तक का सबसे बड़ा कुंभ होने की उम्मीद है। डेटॉल हार्पिक बनेगा स्वच्छ इंडिया हमेशा से स्वच्छता और सफाई के संबंध में समुदाय के बीच व्यवहार परिवर्तन लाने के मामले में सबसे आगे है, अपने दर्शकों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। हमारा लक्ष्य एक साफ और स्वच्छ कुंभ अनुभव को इस साल आने वाले हर व्यक्ति के लिए वास्तविक बनाना है, जिसका उनके मन पर लंबे समय तक प्रभाव रहे।”
डेटॉल हार्पिक बनेगा स्वच्छ इंडिया का उद्देश्य यहां आने वाले लोगों के बीच उचित स्वच्छता आदतों के बारे में बहुत आवश्यक जागरूकता फैलाना और उन्हें पर्यावरण एवं नदी के अनुकूल प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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