12वीं के बाद भी हैं जाॅब्स के मौके

-डॉ रूपक वशिष्ठ
(सीईओ, अपेरल मेड-अप व होम फर्नीशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल)
परिस्थिति कभी ऐसी आ जाती है कि हमें लगता है की 10वीं या 12वीं की परीक्षा देने के बाद हमें तुरंत नौकरी मिल जाए और अपने पैरों पर खडे हो जाए, परिवार को आर्थिक मदद करें और घर की जिम्मेदारी निभाए, ऐसे में सवाल यह है कि आखिर कौन सी ऐसी नौकरियां है, जो हम 10वीं या 12वीं के बाद कर सकते हैं और फिर इसके लिए किस तरह की तैयारी करनी चाहिए, जाहिर सी बात है कि 10वीं या 12वीं के बाद ग्रेड ‘ए’ या ग्रेड ‘बी’ स्तर की नौकरियां नहीं मिलेगी, लेकिन ग्रेड सी और ग्रेड ‘डी’ स्तर की नौकरी पर्याप्त है, मालूम हो कि ग्रेड ‘सी’ की नौकरी क्लर्क की है और ग्रेड ‘डी’ की नौकरी मल्टीपल टास्किंग की है।
दायरे हैं व्यापक :- 10वीं या 12वीं के बाद सरकारी नौकरी की व्यापक संभावनाएं है, सही दिशा में धैर्य के साथ थोड़ी सी मेहनत की जाए, तो सफलता पाई जा सकती है, टेक्नीषियन, असिस्टेंट क्लर्क, लोअर डिवीजनल क्लर्क, स्टेनोग्राफर, लोका पायलट, फायरमैन, कांस्टेबल, गेटमैन, स्टेनोग्राफर, डेटा इंट्री आॅपरेटर, चपरासी, हेल्पर, स्टोर कीपर, आदि की नौकरी पायी जा सकती है, ये नौकरियां भारतीय सेना, भारतीय नौ सेना, रेलवे, बैकिंग, पुलिस विभाग विभिन्न मंत्रालय आदि विभागों में हैं।
10वीं तक की पुस्तकों से करें तैयारी :- यदि तुरंत नौकरी की दरकार है, तो छात्रों को स्कूली स्तर से कुछ मूलभूत बातों की ओर ध्यान देना आवश्यक है, 10वीं स्तर तक के सभी विषयों को गहनता से अध्ययन करें, इसके लिए एनसीईआरटी से प्रकाशित तमाम पुस्तकों को पढ़ें, यदि एनसीईआरटी की किताब नहीं मिलती है, तो संबंधित वेबसाइट से डाउनलोड कर पढ़े, खासतौर पर इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, जीवविज्ञान, रसायनषास्त्र विशयों की गहनता से अध्ययन करें।
रीजनिंग और गणित पर पकड़ जरुरी :- कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे आदि की नौकरियां आसानी से पायी जा सकती है, बशर्तें आपकी पकड़ रीजनिंग, गणित और सामान्य ज्ञान पर हो, रीजनिंग की तैयारी करने के लिए बाजार में उपलब्ध किसी भी रीजनिंग गाइड के जरिए तैयारी की जा सकती है। इसकी तैयारी करने के लिए ट्रिक्स पर ध्यान देना आवश्यक है, पुराने प्रष्नों की समय के साथ प्रैक्टिस करें, जो छात्र 10वीं स्तर पर बेहतर तरीके से अंग्रेजी व्याकरण का अध्ययन करते है और अंग्रेजी शब्दों पर पकड़ हो, वे इस विशय में सफल हो सकते हैं, इसकी तैयारी करने के लिए बेसिक अंग्रेजी का ग्रामर की किताब काफी है, साथ ही, अंग्रेजी ट्रांसलेशन पर भी छात्रों को ध्यान देनी चाहिए, गणित फार्मूला का खेल है और इस विशय में सफल होने के लिए फार्मूलें पर पकड़ होना आवश्यक है।
टाइपिंग ज्ञान हो सकता है मददगार :- जो छात्र 10वीं या 12वीें के बाद आॅफिस जाॅब करना चाहते हैं तो उन्हें खुद को बुनियादी तौर पर तैयार करना चाहिए मसलन, जो छात्र आसिस्टेंट की नौकरी का ख्वाब देख रहें है, उन्हें हिन्दी और अंग्रेजी टाइपिंग आनी चाहिए, अंग्रेजी में टाइपिंग 40 शब्द प्रति मिनट की होनी चाहिए, हिन्दी में इसकी स्पीड 25 से 30 शब्द होनी चाहिए, इसके अलावा शार्टहैंड भी आनी चाहिए, जो मानक तौर पर अंग्रेजी में एक सौ शब्द प्रति मिनट है। टाइपिंग और शार्टहैंड में पकड़ और स्पीड प्रैक्टिस से आएगी, जो छात्र जितनी प्रैक्टिस करेंगे, वे प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान कम समय में अधिक शब्दों को लिख पायेंगे।
खुद को रखें दुरुस्त :- जो छात्र नाॅन टेक्निकल नौकरियां पाना चाहते हैं, उन्हें शारीरिक तौर पर दुरुस्त रहना होगा, अभ्यार्थी की लंबाई भी मायने रखती है, इसमें सफल होने के लिए फिजिकल फिटनेस टेस्ट देना होता है, इसके तहत करीब डेढ़ किलोमीटर की दौड़ पांच मिनट में, पुलअप करना होग, बैलेंस बनाना होगा, नौ फीट लंबी कूद लगानी होगी, इस फील्ड में उम्र में मायने रखती है, अभ्यार्थी को मेडिकल तौर पर फिट भी रहना होता है और शारीरिक जांच की प्रकिया से भी छात्रों को जुझना पड़ता है, नाॅन टेक्निकल फील्ड में अहम बात यह है कि जहां भी इस फील्ड की वैंकेसी निकलती है, चयन प्रकिया के तहत प्रमाणपत्रों की जांच, फिजिकल फिटनेस टेस्ट, फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट, मेडिकल एग्जामिनेशन के अलावा काॅमन एंट्रेंस टेस्ट देना होता है।

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