चेज अरोमा थेरेपी क्लीनिक ने प्रदूषण और पटाखा रहित दीवाली के लिए चलाया था अभियान

दिल्ली। हाल के वर्षों में दिल्ली को दुनिया की प्रदूषण राजधानी कहा जाने लगा है और साल के इस समय इस रीजन में स्मॉग के खतरनाक स्तर के कारण स्थिति और भयावह हो जाती है। दिल्ली के साइनस और एलर्जी पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यहां तक कि बच्चों में भी सांस संबंधी विकारों की घटनाओं में वृद्धि देखी गयी है और उनकी इम्युनिटी का स्तर भी कम हो जाता है। प्रदूषण के ऐसे स्तर के लिए जो फैक्टर जिम्मेदार हैं उनमें फसल के अवशेष जलाना, यातायात से होने वाला प्रदूषण और दिल्ली एनसीआर में निरंतर चलने वाली भवन निर्माण गतिविधियां प्रमुख हैं।
रोशनी और पटाखों का उत्सव – दीवाली, ऐसे समय में आता है जब मौसम में बदलाव हो रहा होता है और पटाखों व अन्य आतिशबाजी से ऐसी खतरनाक औरजहरीली गैसें निकलती हैं, जो वायुमंडल को प्रदूषित कर देती हैं और वृद्धों एवं बच्चों के साथ-साथ एलर्जी पीड़ित लोगों के लिए घातक हो सकती हैं। दिल्ली के जिम्मेदार नागरिक के रूप में फेफड़ों और प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियों के इस खतरे के खिलाफ लड़ना हमारा कर्तव्य है और बच्चों व भविष्य की पीढ़ियों के स्वस्थ जीवन को सुनिश्चित करने के लिए ऐसा करना और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
चेज अरोमाथेरेपी क्लीनिक ने हमेशा वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए इस तरह के अभियानों से जुड़ने में गर्व महसूस किया है। मंगलवार को दिवाली महोत्सव के अवसर पर जनता को जागरूक करने के लिए क्लीनिक पर एक जागरूकता अभियान चलाया गया था, जिसमें लोगों को उच्चतम न्यायालय के आदेश की जानकारी दी गयी थी। मास्क बांटे गये और लोगों को पटाखों से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक किया गया था। आम तौर पर, लोग इको-फ्रेंडली तरीके से दीवाली मनाने की इच्छा रखते हैं और यहां तककि यातायात से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ भी काम करना चाहते हैं।
डॉ. नरेश अरोड़ा का कहना है, ‘इस बार, वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है (पीएम 2.5 से 700) और हमने स्वस्थ लोगों में भी एलर्जी का प्रभाव होते देखा है। हम कहते हैं कि यदि हम भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ जीवन देना चाहते हैं तो हमें खुद ही कदम उठाने की जरूरत है और सरकार पर निर्भर नहीं रहना है।’
डॉ नीती अरोड़ा ने कहा कि ‘बेज़िल (तुलसी), यूकेलिप्टस, पुदीना जैसे अरोमा थेरेपी ऑयल, इस तरह की मौसम संबंधी स्थिति में प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने में मदद कर सकतेहैं। आप इन प्राकृतिक सुगंध वाले तेलों की 2 बूंदों के साथ हॉट स्टीम में 5 मिनट तक सांस लेकर भारी मौसम की स्थिति से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं।’
चेज अरोमा ब्यूटी क्लीनिक और कॉस्मेटिक्स का प्रबंधन, दिल्ली के प्रसिद्ध नेचुरोपैथ एवं एरोमा थेरेपिस्ट, डॉ. नरेश अरोड़ा और डॉ. नीती अरोड़ा द्वारा किया जाता है। यह क्लीनिक पिछले 20 वर्षों से स्वास्थ्य की देखभाल में सक्रिय है। डॉ. अरोड़ा नियमित रूप से जीवन शैली और सौंदर्य संबंधी समस्याओं के लिए प्राकृतिक अरोमा उपचार के लिएभारत भर में कार्यशालाएं आयोजित करते हैं और उनके प्राकृतिक अरोमा थेरेपी तेल आधारित उत्पादों की सौंदर्य और स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छी सराहना होती है।

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