सत्यरूप ने और एक पर्वत शिखर पर भारत का तिरंगा झंडा लहराया

दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पर्वतारोही सत्यरूप सिद्धांत गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कगार पर है। जनवरी 2019 में वह सातों महाद्वीपों की सात चोटियों और सात ज्वालामुखी पर्वतों पर तिरंगा फहराने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बन जाएंगे। सबसे कम उम्र में सात पर्वत शिखरों और सात ज्वालामुखी पर्वतों पर तिरंगा फहराने की उनकी उपलब्धि को गिनीज बुक में लिखा जाएगा। गौरतलब है कि सत्यरूप अब तक 7 में से 5 ज्वालामुखी शिखरों की चढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं। दुनिया के सातों महाद्वीपों में सात चोटियों पर तिरंगा फहराकर वाले सत्यरूप पांचवें भारतीय नागरिक बने थे। इस समय सातों महाद्वीपों की सात चोटियों और सात ज्वालामुखी पर्वतों को सबसे कम उम्र में फतेह करने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पर्वतारोही डेनियल बुल के नाम पर है। डेनियल बुल ने 36 साल 157 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
सत्यरूप जब जनवरी में अंटाकर्टिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी माउंट सिडले की चढ़ाई शुरू करेंगे तो उनकी उम्र 35 साल 9 महीने होगी। बुल ने अर्जेंटीना-चाइल के बॉर्डर पर स्थित सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत ओजोस डेल सालाडो पर चढ़ाई पूरी कर 27 अप्रैल 2017 को गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया है।
सत्यरूप सात महाद्वीपों के सात पर्वतों की चढ़ाई पूरी कर चुके हैं। अब तक उन्होंने 7 ज्वालामुखी पर्वतों में से 5 ज्वालामुखी पर्वतों पर तिरंगा फहरा दिया है। 30 नवंबर 2018 को सत्यरूप उत्तरी अमेरिका के ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत माउंट पीको डि ओरिजाबा पर चढ़ाई करने के लिए मैक्सिको का सफर शुरू कर चुके हैं। वह दिसंबर के पहले हफ्ते से चढ़ाई शुरू करेंगे। इसमें सफल होने पर 18 जनवरी से माउंट सिडले पर चढ़ने का प्रयास शुरू करेंगे।
इससे पहले सत्यरूप सिद्धांत पापुआ न्यू गिनी में दूसरे सबसे ऊंचे पर्वतशिखर माउंट गिलुवे की चढ़ाई करने वाले पहले भारतीय बने थे। सत्यरूप 11 नवंबर को पापुआ न्यू गिनी में 4,367 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचे थे। गौरतलब है कि सत्यरूप बचपन में अस्थमा से पीड़ित थे, जो इनहेलर से एक पफ लिए बिना 100 मीटर भागने में भी हांफ जाते थे, लेकिन अब वह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में नाम दर्ज कराने से केवल कुछ कदमों की दूरी पर है। पश्चिम बंगाल के निवासी सत्यरूप बेंगलुरु की एक टेक फर्म में काम करते हैं। सत्यरूप का मानना है कि अगर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और वित्तीय परेशानियों पर काबू पा लिया जाए तो दुनिया में कोई भी ताकत आपको अपने सपने को पूरा करने से रोक नहीं सकती।
पर्वतारोहण एक महंगा एडवेंचर स्पोटर्स है। सत्यरूप को समय-समय पर कॉरपोरेट ग्रुप्स से इसके लिए आर्थिक मदद भी मिलती रही है। अब तक मणिपाल ग्रुप, टाटा ट्रस्ट, वाओ मोमो, फेवरे-लियुबा, मेराक्वी, कुंज, एलॉयस, वेकफिट, सीएफआरसीई समेत दूसरी कंपनियों ने सत्यरूप को पर्वतारोहण के लिए आर्थिक मदद दी है।

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