आगामी वि.स चुनाव में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी बसपा

नई दिल्ली। बीएसपी की सुप्रीमो मायावती ने अपने एक बयान के तहत आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के साथ जाने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी बसपा को कमजोर कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह के कारण मध्यप्रदेश में कांग्रेस से समझौता नहीं हो सका। बसपा को कम सीटें ऑफर करना बेहद अपमानजनक था।
मायावती ने कहा कि राजस्थान में 200 में से मात्र नौ सीटें हमें दी जा रही थीं। मध्यप्रदेश में 230 में से 15-20 सीटें पकड़ाया जा रहा था, इसी तरह से छत्तीसगढ़ में 90 में से पांच से छह सीटों का ऑफर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब भी हम गठबंधन में चुनाव लड़ते हैं, हमारा वोट सहयोगियों को मिल जाता है। लेकिन उनका वोट हमें नहीं मिल पाता है। इससे बसपा को ज्यादा नुकसान होता है। हमने कांग्रेस को सारा वोट ट्रांसफर कर दिया, लेकिन बदले में हमें मिला कुछ नहीं है।
इन बातों को ध्यान देें तो ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी इसी तरीके से बसपा को खत्म करना चाहती है। हमें कमजोर करना चाहती है। हम कांग्रेस और भाजपा दोनों को बताना चाहते हैं कि हमें उनके सामने झुकना मंजूर नहीं है।
मायावती ने गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को इतना अधिक आत्मविश्वास था कि पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। यहां राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश में लोग भाजपा को फिर से मौका देने के पक्ष में नहीं हैं। यही वजह है कि हमने अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में हमने अजित जोगी की पार्टी से समझौता किया। हमने कर्नाटक में भी यही फॉर्मूला अपनाया था।
उन्होंने ताज कॉरिडोर मामले का जिक्र किया। मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर हमें इस मामले में घसीटा। सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद कि हमें राहत मिली। हमारी प्रार्थना के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने कांशीराम को भारत रत्न नहीं दिया। ऐसा लगता है कि रस्सी जल गई, ऐंठन नहीं गई।

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