लोकसभा में उठा कर्नाटक का मुद्दा, कांग्रेस के आरोपों को सरकार ने किया खारिज

नई दिल्ली। कर्नाटक में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े ऑडियो टेप के मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार को हंगामे की स्थिति रही और कांग्रेस ने राज्य में भाजपा पर उसके विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे कांग्रेस के अंदर मचे घमासान का परिणाम बताया। सदन में शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि उनके लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाली एक विधानसभा क्षेत्र के विधायक को प्रलोभन देकर तमाम आश्वासन दिये गये हैं। उन्होंने कथित टेप बातचीत के अंश भी पढ़े। केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक से सांसद सदानंद गौड़ा ने कहा कि पिछले आठ महीने से राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और जद-एस के बीच लड़ाई चल रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के अंदर भी घमासान मचा हुआ है और पिछले दिनों पार्टी के एक विधायक ने अपनी ही पार्टी के दूसरे विधायक की पिटाई की और वह अस्पताल में हैं। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्री गौड़ा ने कांग्रेस सदस्यों पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राज्य का विषय है और इस मुद्दे पर चर्चा राज्य विधानसभा में होनी चाहिए, जहां सत्र चल रहा है। उन्होंने कहा, यहां यह नौटंकी क्यों हो रही है। वे सीडी को सत्यापित करें। पूर्व प्रधानमंत्री और जद-एस नेता एच डी देवगौड़ा ने सरकार से अनुरोध किया कि कर्नाटक समेत पूरे देश में कहीं ऐसा नहीं हो, इसका प्रयास होना चाहिए। उन्होंने हाथ जोड़कर लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह सरकार से कहें कि संविधान में संशोधन कर इस संबंध में नियम बदले जाएं और लोकतंत्र को बचाया जाए। इसके बाद जब लोकसभा अध्यक्ष ने अंतरिम बजट पर चर्चा शुरू कराई तो कांग्रेस सदस्य खड़गे ने कहा कि हम कर्नाटक के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इसे स्वीकार नहीं कर रही। इसके बाद कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया। इससे पहले सुबह प्रश्नकाल आरंभ होने के साथ ही कांग्रेस के सदस्यों ने यह विषय उठाया। कर्नाटक मुद्दा एवं अन्य विषयों पर विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका।

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