दिल्ली को पूर्ण राज्य की मांग आप का राजनीतिक प्रपंच : विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली। नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि लोकसभा के चुनाव के मौके पर दिल्ली को पूर्ण राज्य की मांग आप के मुखिया केजरीवाल का राजनीतिक प्रपंच है। आज हुई प्रेस कांफ्रेस में उनके वक्तव्य से स्पष्ट हो गया कि इसी कारण वे पुलवामा में हुये आतंकी हमले और बालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्रवाही ने आतंकियों के सफाये को राजनीतिक नफे नुकसान के चश्में से देख रहे हैं। वे भारत पाक तनाव से भाजपा को नुकसान की बात कर भारतीय सैनिकों की शहादत को राजनीतिक रंग दे रहे हैं।
नेता विपक्ष ने कहा कि केजरीवाल के लिये पुलवामा की शहादत और बालाकोट में उसका बदला एक राजनीतिक मुद्दा है, परंतु भाजपा के लिये यह राष्ट्र के गौरव और सम्मान का विषय है। शर्म की बात है कि वे कह रहे हैं कि उनके सर्वे के अनुसार भारत पाक तनाव के कारण बीजेपी को भारत पाक तनाव से नुकसान होने जा रहा है। भाजपा के लिये देश पहले है और राजनीति बाद में परंतु केजरीवाल के लिये आम आदमी पार्टी पहले है और राष्ट्र बाद में। खेद की बात है कि केजरीवाल इस मुद्दे को राजनीतिक तराजू में तोल रहे हैं और नफे नुकसान की बात कर रहे हैं। इन्हीं कारणों से वे पाकिस्तान के पोस्टर बोय बन गये हैं।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल गत चार वर्षों के अपने कुशासन और असफलताओं को छिपाने के लिये पूर्ण राज्य की मांग एक कुटिल चाल है। अपने फर्जी सर्वे ओर फर्जी बातों को वे हथकंडे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वे जनता को जानबूझकर गुमराह कर रहे हैं। अपना उनका और उनकी पार्टी का राजनीतिक केरियर दांव पर है। ऐसे में वे मानते हैं कि पूर्ण राज्य की मांग ही एकमात्र ऐसा हथियार है जो उन्हें चार वर्ष की विफलताओं के बोझ से मुक्ति दिला सकता है। इस मुद्दे को उछालकर वे जनता का ध्यान दिल्ली ज्वलंत समस्याओं और चुनौतियों से भटकाने में सफल होना चाहते हैं।
नेता विपक्ष ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली की जनता को बहका रहे हैं कि वे दिल्ली से लोकसभा की सातों सीटें जीतकर दिल्ली को पूर्ण राज्य बनवायेंगे। कल तक कांग्रेस से गठबंधन की भीख मांगने वाले केजरीवाल ने आनन फानन में फर्जी सर्वे के अनुसार यह दावा कर डाला कि कांग्रेस के बिना भी आम आदमी पार्टी दिल्ली की सातों सीट जीतेगी।
केजरीवाल झूठ बोलने में माहिर हैं। आज अपने बयान में उन्होंने केन्द्र और दिल्ली सरकार को लेकर एक बार फिर जनता को गुमराह किया। उन्होंने जनता से झूठ बोला कि दिल्ली के लोग केन्द्र सरकार को डेढ़ लाख करोड़ रूपये का टेक्स देते हैं, लेकिन केन्द्र सरकार दिल्ली को 325 करोड़ ही देती है। वे ये छिपा गये कि केन्द्र दिल्ली को सहायता के रूप में 8523 करोड़ रूपये देती है। 6392 करोड़ रूपये का अनुदान दिया जाता है। 1906 करोड़ रूपये की राशि ऋण के रूप में दी जाती है। केन्द्र सरकार दिल्ली को जीएसटी लागू करने से होने वाले राजस्व घाटे पर पांच साल के लिये 14 प्रतिशत क्षतिपूर्ति (कंपेन्सेशन) दे रही है। वर्ष 2018-19 में यह 3500 करोड़ रूपये थी। आगामी वित्तवर्ष में यह राशि 3000 करोड़ रूपये होगी। केन्द्र द्वारा दिल्ली की विभिन्न योजनाओं और मदों पर 50000 करोड़ रूपये व्यय किये जा रहे हैं।

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