सैप नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के साथ सहयोग करेगा

नई दिल्ली। सैप एसई (एनवाईएसई: सैप) ने आज उद्यमशीलता एवं इनोवेशन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के ध्वजवाहक कार्यक्रम, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के साथ स्टेटमेंट आॅफ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। एसओआई के तहत 2018 में सैप भारत खासकर दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के माध्यमिक स्कूलों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी व गणित (स्टेम) की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 100 अटल टिंकरिंग लैबोरेटरी (एटीएल) अपनाएगा।
सैप एसई, प्रोडक्ट्स एण्ड इनोवेशन के एक्जिक्यूटिव बोर्ड के सदस्य, बन्र्ड ल्यूकर्ट ने कहा, ‘‘हम लोगों की जिंदगी में सुधार लाने के लिए टेक्नाॅलाॅजी के उपयोग करने के लिए उत्साहित हैं। इसका एक उदाहरण दुनिया में युवाओं, कामकाजी व्यस्कों, विशेष क्षमता वाले लोगों और बेरोजगारों को सही कौशल प्रदान करना है, जो उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है। सरकार व एकेडेमिशिया के सहयोग से हमें सही मार्गदर्शन, ज्ञान और बुनियादी ढांचे के द्वारा भारत में विद्यार्थियों के व्यापक जनसमूह के बीच इनोवेशन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे न केवल जिंदगियों में सुधार आएगा, बल्कि संपूर्ण रूप में टेक्नाॅलाॅजी ईकोसिस्टम में भी सुधार होगा।’’
इन सहयोगों के महत्व को प्रमाणित करते हुए नीति आयोग के सीईओ, अमिताभ कांत ने कहा, ‘‘अगले कुछ दशकों में भारत की वृद्धि इन टिंकरिंग लैब्स में होने वाले इनोवेशंस पर निर्भर होगी। भविष्य के विचार विद्यार्थियों से ही आते हैं, जो नई टेक्नाॅलाॅजी व प्रक्रियाओं द्वारा उद्योगों और क्रिएटिव सेक्टरों में परिवर्तन लाते हैं। ये टेक्नाॅलाॅजिकल रचनात्मकता और इनोवेशन में नेतृत्वकारी स्थिति हासिल करने के लिए भारत को आगे बढ़ाएंगे। यह केवल प्रभावशाली पब्लिक-प्राईवेट पार्टनरशिप द्वारा ही संभव है और हमें अपने देश के भविष्य की प्रतिभा के विकास के लिए एआईएम पर सैप को हमारा पार्टनर बनाने की खुशी है।’’
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को एडवांस्ड टेक्नाॅलाॅजी के टाॅपिक्स समझने में समर्थ बनाना है, जो डिजिटल परिवर्तन और इंटरनेट आॅफ थिंग्स, यानि डिजाईन थिंकिंग मेथडोलाॅजी, प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेस का परिचय और एक्सपीरिएंशल साईंस लर्निंग से संबंधित हैं।
इस साझेदारी के बारे में दिलीप कुमार खंडेलवाल, प्रेसिडेंट, सैप हाना इंटरप्राईज क्लाउड, सैप एसई एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, सैप लैब्स इंडिया ने कहा, ‘‘सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप नीति आयोग के साथ यह साझेदारी भारतीय युवाओं के बीच स्टेम एजुकेशन को बढ़ावा देने का एक प्रयास है, जो उन्हें भविष्योन्मुख आईटी स्किल्स से सुसज्जित करेगी। इसके अलावा हम अटल इनोवेशन मिशन के साथ मिलकर काम करेंगे और टीचर्स एवं अन्य हितग्राहियों को कमजोर क्षेत्रों की पहचान करके नए टेक्नाॅलाॅजी के कोर्स व प्रोजेक्ट डिजाईन करने के लिए प्रशिक्षित करेंगे, ताकि भारत के युवा क्लासरूम से बाहर निकलने के बाद डिजिटल दुनिया के लिए पूरी तरह तैयार बनें।’’
एआईएम के मिशन डायरेक्टर, रामनाथन रामनन ने कहा, ‘‘इस तरह की पार्टनरशिप एआईएम एवं इसके पार्टनरों के लिए फायदेमंद है। यह पार्टनरशिप एटीएल से इनोवेशन को बढ़ावा देकर सहयोग करेगी। अटल इन्क्यूबेटर्स को सहयोग से कमर्शियल स्केल पर इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा तथा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तीव्रता व प्रभावशाली तरीके से इनोवेशन का क्रियान्वयन हो सकेगा।’’
सैप के कर्मचारी एडवांस्ड टेक्नाॅलाॅजी के विषयों में विद्यार्थियों को कोच एवं मेंटर करेंगे और सैप लैब्स इंडिया की डिजाईन लैब्स प्रशिक्षण प्रदान करके विद्यार्थियों को टेक्नाॅलाॅजी गैजेट्स का हैंड्स आॅन अनुभव प्राप्त करने में मदद करेंगी। सैप नाॅन-प्राॅफिट पार्टनरों द्वारा सीएसआर ग्रांट प्रदान करेंगी ताकि एटीएल विद्यार्थियों को लर्निंग का व्यवहारिक अनुभव प्रदान कर सकें, जो उनके स्कूल के कॅरिकुलम में निहित है।
नीति आयोग के एआईएम का उद्देश्य एक सहयोगात्मक ईकोसिस्टम का निर्माण करना है, जहां विद्यार्थी, टीचर्स, मेंटर्स और औद्योगिक पार्टनर आज के बच्चों में इनोवेशन, वैज्ञानिक अभिरूचि और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए काम करें, क्योंकि ये बच्चे कल राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान प्रदान करेंगे।

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