लीडिंग हेल्थ टेक स्टार्टअप ‘डे-टू-डे’ ने लीडिंग इंस्टिट्यूट ऑफ कोलोप्रॉक्टोलॉजी स्माइल्स हॉस्पिटल के साथ पार्टनरशिप की

नई दिल्ली। हेल्थ-टेक स्टार्टअप ‘डे टू डे’ हेल्थ, जो डिजिटल फर्स्ट केयर मैनेजमेंट सर्विस मरीजों को गाइड, मदद और सर्जरी के पहले और बाद मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसने आज स्माइल्स इंस्टीट्यूट ऑफ कोलोपैक्टोलॉजी, बेंगलुरु के लिए अपना डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म कोलोरेक्टल कंडीशन के मरीजों को गाइड और एंग्जाइटी फ्री ट्रीटमेंट पूरे देखभाल की निरंतरता का एक्सपीरिएंस देने के लिए कस्टमाइज किया गया है।
2018 में लॉन्च किया गया एमआईटी स्टार्टअप ‘डे टू डे’ हेल्थ सभी स्पेशल्टीज में मरीजों के देखभाल के लेवल को बढ़ाने में बहुत ही में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अपने डिजिटल हेल्थकेयर के माध्यम से यह मरीजों की देखभाल करने वालों को, परिवार के सदस्यों को मरीजों की जरूरतों को अधिक प्रभावी ढंग से समझने और करने के लिए शिक्षित और सक्षम बनाता है। डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म एनालिटिकल डैशबोर्ड के साथ डॉक्टरों को महत्वपूर्ण विंडो प्रोवाइड कराता है जिसमें डॉक्टर मरीज के सेहत में होने वाले हर दिन के बदलावों को ट्रैक और मॉनिटर कर सकते हैं। डैशबोर्ड हर दिन के आँकड़ों जैसी कई महत्वपूर्ण सूचनाओं को इकठ्ठा करता है और डॉक्टरों को एक वीडियो या वॉयस कॉल पर मरीज के साथ जुड़ने में सक्षम बनाता है।
परंपरागत रूप से हेल्थकेयर सर्विस एपिसोडिक रही है और यह हॉस्पिटल और क्लिनिक की दीवारों के बाहर केयर सर्विस नहीं प्रोवाइड करती है, जिसके परिणामस्वरूप केयर करने की कंटीन्यूटी गायब है। ‘डे टू डे’ हेल्थ इस खालीपन को भरता है। इसके इंटरैक्टिव डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म मरीजों को उनकी सर्जरी की तैयारी और प्रोसेस के दौरान केयरिंग सर्विस प्रोवाइड करता है या इसके लिए सक्षम बनाता है। यह पेसेंट केयर जर्नी को फिजियोथेरेपी, डाइट प्लान, आदि के माध्यम से के पहले और बाद में रिकवरी के दौरान गाइड करता है। एमआईटी स्टार्टअप ‘डे टू डे’ हेल्थ 2018 में लॉन्च किया गया, यह पहले से ही विश्व स्तर पर डिस्चार्ज के बाद मरीजों की टेक केयर की फील्ड में लम्बी छलांग मारी है।
‘डे टू डे’- स्माइल्स पेसेंट केयर प्लान आज डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये ‘डे टू डे’ हेल्थ के सीईओ मिस्टर प्रेम शर्मा और स्माइल्स इंस्टीट्यूट ऑफ कोलोप्रॉक्टोलॉजी, बेंगलुरु के सीईओ और फाउंडर डॉ परमेश्वर सी एम् की उपस्थिति में लांच किया गया।
‘डे टू डे’ हेल्थ के सीईओ मिस्टर प्रेम शर्मा ने कहा, “मरीजों और देखभाल करने वालों को लाइफटाइम प्रोसीजर के पहले और बाद में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता होती है, ताकि वे पूरी तरह से ठीक हो सकें। दुर्भाग्य से, ट्रेडिशनल हेल्थ केयर सेटिंग्स में मरीजों को अक्सर प्रिपरेशन और रिकवरी फेज में अपर्याप्त सपोर्ट ही मिल पाता है इससे उनका ट्रीटमेंट के रिजल्ट की क्वालिटी बहुत हदतक निर्भर करती है। डे टू डे हेल्थ में हमने स्मार्ट तकनीक सक्षम सेवा कदम-दर-कदम, इस बाधा को दूर करने के लिए उपयोग किया है।
और पूरी ट्रीटमेन्ट प्रोसेस के दौरान मरीजों और उनकी सेवा करने वालो का मार्गदर्शन करते हैं। हम एक डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं – जो कि भ्प्च्।। और ळक्च्त् अनुरूप है – जो फिजकल हेल्थ के अलावा मेन्टल हेल्थ केयर, मरीजों को लगातार हेल्थकेयर सर्विस और काउन्सलिंग प्रोवाइड करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि हेल्थकेयर प्रोवाइडर की देखभाल जारी रहे और अस्पताल के बाहर भी मरीजों की मदद करें। हम ैडप्स्म्ै इंस्टिट्यूट ऑफ कोलोप्रॉक्टोलॉजी के साथ पार्टनरशिप और उनके मरीजों के अनुभव और ट्रीटमेंट के परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करके खुश हैं।’
स्माइल्स इंस्टीट्यूट ऑफ कोलोप्रैक्टोलॉजी, बेंगलुरु जिनको इनवेसिव डायग्नोस्टिक प्रोसीजर की जरूरत के साथ-साथ सर्जिकल इंटरवेंशन समेत सभी प्रकार के कोलोरेक्टल कंडीशन डाइग्नोजिंग और ट्रीटमेंट में माहिर है।
स्माइल्स इंस्टीट्यूट ऑफ कोलोप्रॉक्टोलॉजी, बेंगलुरु के सीईओ और फाउंडर डॉ परमेश्वर सी एम् ने कहा, ‘सीरियस कोलोरेक्टल कंडीशन का ट्रीटमेंट करना अक्सर कॉम्प्लेक्स प्रोसेस होता है और इसमें सर्जिकल इंटरवेंशन पूरी प्रॉपर प्लानिंग और सर्जरी के बाद ऑपरेटिव केयर की जरूरत होती है। जबकि मरीज को एक या इससे ज्यादा हफ्ते तक हॉस्पिटल में रुकना पड़ सकता है, रिकवरी कई हफ्तों तक चल सकती है। मरीजों को न केवल मार्गदर्शन, सर्जरी के लिए तैयारी में मदद, और सर्जरी के बाद ऑपरेटिव केयर को अडॉप्ट करने की जरुरत होती है, बल्कि बड़ी सर्जरी के प्रभाव से निपटने के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता और मेन्टल कॉउंसलिंग की भी जरूरत होती है। हेल्थ केयर प्रोवाइडर के रूप में, हम अक्सर बड़े पैमाने पर मरीजों की देखभाल करने के लिए चैलेंजिंग पाते हैं जब वे हॉस्पिटल से चले जाते हैं। डे टू डे हेल्थ का डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म इस गैप को हेल्थ प्रोवाइडर द्वारा मरीजों को लगातार संपर्क में रहकर और गाइडेंस देकर अच्छी तरह से भर देता है। हमें यकीन है कि इस तकनीक को अपनाने से हमें मरीज के एक्सपीरिएंस और ट्रीटमेंट के परिणाम को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।’
डे टू डे हेल्थ, एशिया पैसिफिक के प्रेसिडेंट मिस्टर राजीव मिश्रा ने कहा, “डे टू डे हेल्थ पहले से ही दुनियाभर के हॉस्पिटल्स में अपने डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म की सर्विस को ऑफर कर रहा है अपनी सेवाओं के साथ दुनिया में सबसे अधिक व्यापक रूप से अमेरिका, ब्रिटेन और भारत में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह बड़े पैमाने पर घर में उपयोग के लिए डिजाइन किए गए स्ट्रक्चर्ड डिजिटल कार्यक्रमों के माध्यम से हॉस्पिटल के सेसन और होलिस्टिक सपोर्ट के जरिये पूरे पेसेंट केयर सर्विस के स्कोप को बढ़ाता है। लगातार पेसेंट गाइडेंस और मरीज की किसी भी एमरजेंसी जरूरत को रेगुलर स्टेटस अपडेट्स और लक्षणों के ट्रेंड को देखते हुए यह प्रोग्राम केयर प्लान में आने वाली रुकावट को बंद करता है।”

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