चेहरे में छेद और बार-बार होने वाले कैंसर से पीडित व्यक्ति का उम्मीद द्वारा निःशुल्क उपचार

नई दिल्ली। कैंसर के मामले भारत में अत्यंत खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं और यह अनुमान है कि 2020 तक 17 लाख नए मामले जुड़ जाएंगे। कैंसर के उपचार की पेशकश करने वाले सरकारी अस्पतालों की क्षमता सीमित होती है। निजी क्षेत्र में प्रीमियर हॉस्पिटल के पास गुण वत्ता पूर्ण उपचार मुहैया कराने की क्षमता है, लेकिन ये महंगे हैं। इसकी वजह से समाज के पिछड़े तबकों के हजारों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है जिन्हें हर वर्ष मौत का सामना करना पड़ता है।
गोरखपुर के 65 वर्षीय बदरुद्दीन लहरी बाईं ओर मुंह के कैंसर से पीडित थे जिसके लिए उनका ऑपरेशन एक सरकारी संस्थान में किया गया और इसके बाद रेडिएशन भी किया गया। समय के साथ उनके चेहरे में सर्जिकल स्कारिंग के कारण एक छेद हो गया और कई प्रयासों के बावजूद ठीक नहीं हो रहा था। लहरी को उनके दैनिक जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और उन्होंने उम्मीद से संपर्क करने का फैसला किया। उनका मूल्यांकन किया गया और एक रीकंसट्रक्टिव सर्जरी की गई जिसमें टिस रक्त आपूर्ति के साथ हाथ में से त्वचा निकालकर उनके चेहरे पर प्रत्यारोपित की गई। लेकिन एक बार फिर उनके दाएं हिस्से और होंठ पर कैंसर विकसित हो गया जिसके लिए उनका दोबारा ऑपरेशन किया गया और उनके गाल एवं होंठ में भी सुधार किया गया।
उम्मीद का उद्देष्य स्वास्थ्य और किफायत के बीच के अंतर को भरना है। यह सुनिश्चित करता है कि गुणवत्ता पूर्ण देखभाल समयबद्ध तरीके से मरीजों तक पहुंचे जिन्हें इनकी जरूरत है, भले ही उनकी वित्तीय स्थिति कुछ भी हो। उम्मीद डॉ. मनदीप एस मल्होत्रा, प्रमुख, डिपार्टमेंट ऑफ हेड, नेक एंड ब्रेस्ट ऑन्कोप्लास्टी, ललिता राकयान, प्रोजेक्ट चेयर पर्सन, लॉयने सडिस्ट्रिक्ट 321 ए 2 जिन्होंने परियोजना के लिए धन जुटाती हैं, फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढल हॉस्पिटल और बाला प्रीतम कैंसर केयर हॉस्पिटल का सपना है जो अत्यधिक छूट के साथ मरीजों को उपचार मुहैया कराते हैं। उम्मीद के अंतर्गत पंजीकृत किए जाने वाले मरीज वे होते हैं जिनमें अंतिम स्तर के कैंसर का पता चलता है। फिल हाल उम्मीद हेड, नेक, ब्रेस्ट और थायरॉयड कैंसर से पीडित मरीजों को मदद देता है। डॉ. मनदीप और डॉ. दीपक झा, डॉ. नेहा और डॉ. मनजीत के साथ उनकी टीम फोर्टिस वसंतकुंज द्वारा मुहैया कराई गई तकनीकों का इस्तेमाल मरीजों के उपचार में किया जाता है।
फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढल हॉस्पिटल में कार्यरत डॉ. मनदीप के मुताबिक, ’’लहरी हमारे लिए तकनीकी रूप से चुनौती पूर्ण और दुर्लभ मामला थे। हम उनका मामला कभी नहीं भूलेंगे क्योंकि उनके मामले में मिली सफलता ने हमें अंतिम स्तरों के कैंसर के मरीजों को लेने और बेहतर जीवन के लिए उनका उपचार करने का साहस दिया है। इस प्रयास के माध्यम से मैं अपनी सेवाएं उन लोगों को देने में सक्षम हुआ हूं जिन्हें इसकी जरूरत है. उम्मीद को एक सफल अभियान बनाने के लिए हमें पूरे देश से समर्थन मिल रहा है। फोर्टिस वसंतकुंज और बाला प्रीतम कैंसर केयर द्वारा सर्जिकल सहायता मुहैया कराए जाने के साथ ही उम्मीद को जे के कैंसर इंस्टीट्यूट, कानपुर और एएमयू के ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर सेरेडिएशन सहायता मिल रही है। कानपुर में कुछ अच्छे लोग मरीजों और उनके परिवारों के लिए रहने और खाने का प्रबंध करते हैं क्यों कि रेडिएशन करीब एक महीने या इससे अधिक समय तक चलता है। इसके अंतर्गत ज्यादातर ऐसे मामलों का इलाज किया गया जिन्हें जटिलताओं के कारण अन्य हॉस्पिटल्स ने ठुकरा दिया था। कैंसर के उपचार बहु-आयामी होते हैं और उनमें सर्जरियां, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी शामिल होती है। ये अत्यंत गहन, महंगे और मुश्किल उपचार प्रक्रियाएं हैं। यह सिर्फ जागरूकता की कमी का मामला नहीं बल्कि सही समय पर किफायती कीमत पर सही उपचार तक पहुंच की भी कमी है जिसकी वजह से कैंसर के कारण होने वाली मौतें बढ़ रही हैं।’’
डॉ. संदीप गुडुरू, फेसिलिटी निदेशक, फोर्टिस वसंतकुंज ने कहा, ’’फोर्टिस वसंतकुंज में हमें एक ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा होने का गर्व है जो ऐसी खतरनाक बीमारी के लिए टशिएरी केयर उपचार को समाज के कम जोर तबके तक पहुंचा रहा है। हम उम्मीद प्रयास के अंतर्गत की जाने वाली सर्जरियों पर का फीसब्सिडी मुहैया कराते हैं। ऑन्कोलॉजिस्ट्स, पैथोलॉजिस्ट्स, रेडियोलॉजिस्ट्स और पूरी चिकित्सा समुदाय की ओर से इसकार्य क्रम को भरपूर समर्थन दिया जा रहा है।’’ 2017 में शुरूआत से उम्मीद प्रयास काफी आगे तक आ चुका है लेकिन अभी काफी आगे तक जाना है और कई लोगों तक पहुंचना बाकी है। निरूशुल्क सर्जरी कई जिम्मेदारियों के साथ आती है और उम्मीद, बाला प्रीतम कैंसर केयर और एफ एचवी के के संयुक्त प्रयासों के साथ हम चरणबद्ध तरीके से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगे।

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