कोरोना ड्यूटी पर तैनात दिल्ली के तीन अध्यापक कोरोना संक्रमित, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप’

नई दिल्ली। डॉक्टर्स, नर्स और पुलिसकर्मी के अलावा शिक्षकों ने भी इस महामारी में कोविड वारियर की तरह ही काम किया है। लेकिन उनका आरोप है कि दिल्ली सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही और उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। पिछले एक महीने से दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी जिले में डीपीएस रोहणी, सेक्टर- 24 में प्रतिनियुक्त लगभग तीन सौ अध्यापकों की ड्यूटी कोरोना लॉकडाउन में लगी है। उनकी तैनाती प्रवासी मजदूरों की मेडिकल स्क्रीनिंग और उन्हें बस में बिठा कर दिल्ली के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर भेजने के लिए की गई है। इन स्क्रीनिंग केंद्रों पर रोजाना लगभग हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर आते हैं जिन्हें तमाम प्रक्रिया के बाद उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जाता है। अध्यापकों ने सम्मिलित रूप से एक बयान जारी करते हुए दिल्ली सरकार पर आरोप लगाए कि अव्यवस्था कि स्थिति यह है कि अब तक तीन अध्यापक कोरोना से संक्रमित हो चुके है फिर भी प्रशासन सुरक्षा के कोई उपाय नहीं कर रहा।
उन्होंने बताया, ‘एसडीएम और एडीएम को अध्यापकों की इस पीड़ा से अवगत कराया गया है। लेकिन कई बार सूचित करने के बावजूद भी वे कहते हैं कि जिन्हें तेज बुखार हो वो अपना कोरोना टेस्ट करवाएँ, जबकि देश में 80ः संक्रमित में वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए जाते। बताया जा रहा है कि अध्यापक अभय, जगदीश और एक अन्य कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।
अध्यापकों ने बताया, ‘उत्तर पश्चिमी दिल्ली के एडीएम अमित कुमार का रवैया बेहद ही असंवेदनशील है। हमारी शिकायत पर वो निलंबन व निष्कासन की धमकी देते हैं व साथ ही हमारी स्वास्थ्य समस्याओं का उपहास करते हैं। शीर्ष अधिकारियों व प्रशासन के इस रवैये से हम आहत हैं। हम चाहते हैं कि हमारे हितों की रक्षा हो ताकि हम और हमारा परिवार सुरक्षित रहें।’
गौरतलब है कि स्वास्थ्य सुरक्षा के इस गंभीर मुद्दे पर कोरोना ड्यूटी में प्रतिनियुक्त अध्यापकों में प्रशासन के प्रति काफी रोष है। अध्यापकों ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘हमारे साथ दिल्ली सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। रेलवे और सचिवालय में किसी एक स्टाफ के संक्रमित होने पर वहाँ कार्यरत सभी अन्य कर्मियों को क्वारंटीन कर दिया जाता है, लेकिन हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहाँ तक कि बार-बार गुहार लगाने पर भी हमें नजरअंदाज किया जा रहा है।’
इस बाबत दिल्ली के शिक्षा मंत्री व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी ट्विटर पर टैग करके जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की हुई है।

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