भारत में बढ़ रहा है बेबीमून वैकेशंस का चलन : कॉक्स एंड किंग्स सर्वे

ट्रैवलिंग में उभरते हुए ‘बेबीमूनर्स’ सेगमेंट की मांग और पसंद को समझने के लिए सबसे पुराने और प्रमुख टूर ऑपरेटर कॉक्स एंड किंग्स ने अपने ‘डिकोडिंग द बेबीमून ट्रेंड’ सर्वेक्षण के नतीजे जारी किए हैं। ‘बेबीमून’ एक ऐसा शब्द है जिसे बच्चे के जन्म से पहले सुकून के पल बिताने या ट्रैवलिंग करने के लिए माता-पिता द्वारा लिए गए संक्षिप्त अवकाश के संदर्भ में गढ़ा गया है। कॉक्स एंड किंग्स ने 1000 महिलाओं के साथ बातचीत की, जिनमें गर्भवती और नई मांएं शामिल थीं।यह सर्वेक्षण मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता सहित मेट्रो शहरों में किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि सर्वेक्षण में पता चला है कि गर्भवती महिलाओं में से 82 फीसदी बेबीमून पर जाना चाहती हैं और इसके लिए सबसे पसंदीदा समय गर्भावस्था की दूसरी तिमाही है।लगभग 72 फीसदी नई माताओं ने अपनी गर्भावस्था के दौरान बेबीमून पर जाना चुना था। ‘सुकून’ महिलाओं को बेबीमून पर ले जाने का मुख्य कारण है, उन्हें लगता है कि आने वाला समय बच्चों की परवरिश में बिताना है, ऐसे में यही सबसे अच्छा मौका है कि वह खुद को आराम दे सकती हैं।विकल्प दिए जाने पर 65 फीसदी महिलाएं एक अंतरराष्ट्रीय बेबीमून सफर पर जाना चाहेंगी। भविष्य की माएं, इस बारे में काफी स्पष्ट हैं कि उन्हें किनके साथ जाना है, 77 फीसदी अपने पति के साथ जाना चाहती हैं न कि पूरे परिवार के साथ। कॉक्स एंड किंग्स के इस व्यापक सर्वेक्षण ने ‘बेबीमून वैकेशंस’ में निहित अंतर्दृष्टि पर महत्वपूर्ण प्रकाश डाला है।‘बीच डेस्टिनेशन’ 88 फीसदी महिलाओं के लिए सबसे पसंदीदा रहीं क्योंकि इसमें वैकेशंस के दौरान समुद्र तट की सैर और दर्शनीय नजारों का लुत्फ लिया जा सकता है। बेबीमून ट्रैवल की योजना बनाते समय युगल के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता सुरक्षा, यात्रा की अवधि और चिकित्सा सहायता है।गोवा, जोधपुर, महाराष्ट्र और केरल सबसे पसंदीदा घरेलू बेबीमून गंतव्यों की सूची में सबसे ऊपर है, जबकि सेशेल्स, थाईलैंड, दुबई और श्रीलंका सबसे पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय स्थलों की सूची में शीर्ष स्थान पर हैं।भोजन भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। 65 फीसदी बेबीमून ट्रैवलर किसी रसोईए को साथ ले जाने या डिब्बाबंद खाना साथ ले जाने की बजाय स्थानीय भोजन का स्वाद लेना चाहते हैं।बेबीमून मिथक को तोड़ते हुए 97 फीसदी उत्तरदाताओं ने एंडवेंचर ट्रिप किए जाने से इंकार कर दिया। गर्भवती महिलाओं में से अधिकांश ग्रुप ट्रैवल की बजाय कस्टम-टूर का ऑप्शन चुनती हैं। सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों में से 75 फीसदी के पसंदीदा एक ही जगह सारी सुविधाएं देने वाले रिसॉर्ट्स थे। यह महसूस करते हुए कि एक जगह पर आराम करना सबसे अच्छा है। इसलिए वैकेशंस के दौरान कई जगहों पर जाने के समर्थक लगभग नगण्य थे।करीब 82 फीसदी उत्तरदाताओं का कहना था कि वे 5 से 7 दिनों के लिए आराम का विकल्प चुनते हैं, बाकी 5 दिनों से कम समय का चयन करते हैं। 85 फीसदी ने कहा कि स्थान की प्रकृति को देखते हुए वह ट्रैवल इंश्योरेंस का चयन करने पर विचार करेंगे।

यात्रा के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें अपना ख्याल 

बच्चों की परवरिश एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसके चलते पति-पत्नी परस्पर बहुत कम समय दे पाते हैं। बच्चे के जन्म से पहले भावी अभिभावक जितने उत्साहित होते हैं, उतने ही घबराए हुए भी। बेबीमून आराम करने और बच्चे की परवरिश शुरू करने से पहले एक-दूसरे के साथ बिताया गया सबसे अच्छा वक्त है। कॉक्स एंड किंग्स ने कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें अपना कर आप अपने बेबीमून को निश्चित रूप से यादगार बना सकते हैं!

1. यात्रा की लंबाई पर विचार करें – हालांकि आपका दिल कहेगा कि कहीं बहुत दूर तक जाया जाए लेकिन आपको यह सलाह दी जाती है कि किसी नजदीकी गंतव्य का चयन करें। आप एक अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के लिए जाने के लिए आजाद है लेकिन ध्यान रखें कि यह बहुत लंबी यात्रा वाला न हो।

2. पहुंच के भीतर मेडिकल सहायता – उस मेडिकल सेंटर या अस्पताल को तय कर लेना सबसे ज्यादा अच्छा है, जहां आप किसी विशेष गंतव्य के दौरान जरूरत पडने पर जाना पसंद करेंगे। यात्रा से पहले सावधानी से तमाम जानकारियां जुटा लें ताकि चिकित्सा सहायता की जरूरत पडने पर आपको कोई परेशानी न हो। मेडिकल सेंटर से संपर्क के विवरणों को अच्छी तरह से देख लें। आप चाहें तो इसके लिए अपने टूर ऑपरेटर से भी मदद ले सकते हैं।

3. रोग मुक्त देश – जांच लीजिए कि आपने यात्रा के लिए जो गंतव्य चुन लिया है, वहां इन दिनों कोई विशिष्ट महामारी, बीमारी या वायरल संक्रमण तो नहीं फैला हुआ है। ऐसे स्थानों से बचना ही सबसे अच्छा रहेगा। इसके लिए आप स्वास्थ्य संगठनों या आपके टूर ऑपरेटर द्वारा दी गई जानकारी से भी संदर्भ ले सकते हैं।

4. अपने डॉक्टर से परामर्श करें – जब आप अपने बेस प्लान के लिए तैयार हों तो डॉक्टर से पूछना सबसे अच्छा होगा। क्या आप उड़ान भरते हुए अपना सफर तय कर सकते हैं? अगर हां तो कितने घंटे की उड़ान आपकी सीमा है। ऊबड़ सडक रास्ते वाली यात्रा करने से बचें। सुनिश्चित करें कि कि आपने सभी जरूरी वैक्सीनेशन करवा लिए हैं। डॉक्टर की ओर से इजाजत मिलने पर ही यात्रा करें।

5. टक्कर से सुरक्षित रहें- विशेषकर कारों या इसी तरह के वाहनों में यात्रा करते समय ध्यान रखें कि आपकी सीटबेल्ट परेशानी की वजह तो नहीं बन रही। इसे अपने पेट के नीचे, कंधे और कॉलरबोन के हिस्से पर चढ़ाएं। यदि आप ट्रेन या उड़ान में यात्रा कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके पेट के लिए पर्याप्त जगह हो।

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