हाइपरटेंशन : जो बनता है किडनी की बीमारियों का कारण

वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग (डब्ल्यूएचएल) द्वारा 2005 में शुरू किया गया विश्व हाइपरटेंशन दिवस उच्च रक्तचाप और संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष 17 मई को मनाया जाता है। कई अध्ययनों और कहानियों के साथ उच्च रक्तचाप और कार्डिएक बीमारियों के बीच स्थापित संबंध है, लेकिन कम ही लोगों को पता है कि उच्च रक्तचाप गुर्दे खराब होने का कारण भी बन सकता है। बीते वर्षों के दौरान भारत और इसके दूसरे दर्जे के शहरों ने भी उच्च रक्तचाप और गुर्दे के खराब होने संबंधी बीमारियों के साथ अपना संबंध स्थापित कर चुके हैं।
डब्ल्यूएचओ और जर्नल ऑफ हाइपरटेंशन के मुताबिक 40 फीसदी शहरी आबादी और 17 फीसदी ग्रामीण आबादी उच्च रक्तचाप से पीड़ित है। बीमारी से पीड़ित लोगों में 23.5 फीसदी पुरुष और 22.60 फीसदी महिलाएं हैं। दुनिया भर में होने वाली मौतों में उच्च रक्तचाप की हिस्सेदारी करीब 13 फीसदी है। ऐसे कई कारण हैं जो हाइपरटेंशन को जन्म देते हैं और आर्टरियों, हृदय, किडनी फेल, डिमेंशिया या हड्डियों को होने वाले नुकसान का कारण बन सकते हैं। उच्च रक्तचाप हाइपरटेंशन का परिणाम है जिससे किडनी में रक्त धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है और उनके काम करने की क्षमता को प्रभावित करता है। रक्त धमनियों का खिंचाव किडनी समेत अन्य जगहों की खून की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती है और कमजोर कर सकती है। इस प्रक्रिया में किडनी शरीर के खराब तत्वों और अतिरिक्त फ्लूइड को शरीर से बाहर निकालने का काम बंद कर सकती है। रक्त में फ्लूइड की अतिरिक्त मात्रा रक्तचाप को और भी बढ़ा सकती है जिससे एक खतरनाक चक्रशुरू हो सकता है। फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढल हॉस्पिटल के, नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. संजीव गुलाटी के अनुसार हाइपरटेंशन से जुड़ी बीमारियों के सभी ज्ञात कारणों में ‘‘गुर्दे’’ की बीमारी पर सबसे कम ध्यान दिया जाता रहा है। हाइपरटेंशन हृदय के अलावा अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। हाइपरटेंशन के कारण गुर्दे की बीमारियों से पीड़ित लोगों द्वारा सलाह लेने की संख्या बढ़ गई है और मरीजों की उम्र कम हुई है।
हाइपरटेंशन और किडनी की बीमारियों के लक्षण सामान्य तौर पर देखने को नहीं मिलते। इन दोनों के शुरूआती चरण सूजन होती है जिसे एडेमा कहते हैं। एक बार किडनी का काम प्रभावित होने पर व्यक्ति को कम भूख लगने, मिचली, अधिक या कम पेशाब और नींद की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर आपको हाइपरटेंशन के साथ ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं या महसूस होते हैं तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विश्व हाइपरटेंशन दिवस के मौके पर फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढल हॉस्पिटल फेसिलिटी निदेशक संदीप गुरु के अनुसार विश्व हाइपरटेंशन दिवस हमें समाज के लिए कुछ करने का उचित समय और मौका मुहैया कराता है। ये विश्व स्वास्थ्य दिवस न सिर्फ उत्सव मनाने के लिए है बल्कि बीमारी के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए भी होते हैं। हमें हाइपरटेंशन के कारण गुर्दों की बीमारी में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और यह इसके बारे में बात करने के लिए उपयुक्त दिन है। मैं लोगों से इस बारे में बात करने की और जागरूकता बढ़ाने के लिए हाथ मिलाने की अपील करता हूं।

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