भारत के विकास के लिए किसानों और गरीबों को मदद पहुंचाना जरूरी : सोनिया गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के विकास के लिए किसानों और गरीबों को मदद पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का मानना था कि खेती विकास की पूंजी है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शहादत दिवस पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’’ का शुभारंभ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निवास कार्यालय में अपने मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के साथ इस योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली 5750 करोड़ रूपए की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर सोनिया गांधी ने कहा कि राजीव जी की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने गरीब आदिवासी किसानों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को सीधे उनके खाते में राशि देने की शुरूआत की गई है। इस योजना के दूसरे चरण में ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों को शामिल करने का निर्णय अपने आप में अनोखा है। गांधी ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गरीब किसानों को मदद पहुंचाने की अनुकरणीय योजना है। इससे आदिवासियों, ग्रामीणों और गरीबों के जीवन में बदलाव आएगा, खुशहाली आएगी।
ऐसी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर जन-जन तक लाभ पहुंचाना राजीव जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि राजीव जी का यह मानना था कि खेती विकास की पूंजी है। भारत के विकास के लिये किसानों और गरीबों को मदद पहुंचाना जरूरी है। गांधी ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री बघेल, राज्य सरकार तथा राज्य के गरीबों, किसानों और मजदूरों को शुभकामनाएं दी। उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना संकट की स्थिति को देखते हुए मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि गरीबों को इस वक्त कर्ज की नहीं बल्कि नगद राशि की जरूरत है। इसका बढ़िया रास्ता छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाला है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने किसानों को मदद पहुंचाने के लिए उनके खाते में सीधे राशि दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें मालूम है कि राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इस हालत में भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को राहत पहुंचाने के लिए लिया गया यह निर्णय, कोई छोटा काम नहीं है। किसानों और गरीबों की मदद करने का निर्णय हमने सोच-समझकर लिया है। यह किसी व्यक्ति विशेष का निर्णय नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आवाज है।’’ वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की मूलभावना हमारे लिए मार्गदर्शिका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके माध्यम से किसानों और कमजोर वर्ग के लोगों को न सिर्फ सम्मान से जीने का अवसर उपलब्ध होगा बल्कि गरीबी का कलंक मिटाने में भी सफल होंगे।
बघेल ने कहा कि इस योजना से लाभान्वित होने वालों में 90 प्रतिशत लघु-सीमांत किसान अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और गरीब तबके के हैं। इस योजना की प्रथम किश्त की राशि 1500 करोड़ रूपये हम सीधे किसानों के खाते में अंतरित कर रहे हैं। योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को इस वर्ष 5750 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत धान की खेती के लिये किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपये तथा गन्ना की खेती के लिये प्रति एकड़ 13 हजार रूपए सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अब तक धान खरीदी, कर्जमाफी, फसल बीमा, सिंचाई कर की माफी और प्रोत्साहन राशि को मिलाकर किसानों को 40 हजार 700 करोड़ रूपये उनके खातों में सीधे अंतरित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। आज हम पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का पुण्य स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजीव जी का यह दृष्टिकोण था कि भारत में गरीबी उन्मूलन तथा आत्मनिर्भर भारत निर्माण के लक्ष्य की प्राप्ति किसानों की आर्थिक दशा में सुधार के बिना संभव नहीं है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जिलों के जनप्रतिनिधियों, हितग्राही किसानों, समूह की महिलाओं और वनोपज संग्राहकों से भी चर्चा की। कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, सांसद पी.एल. पुनिया, रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित सांसद, विधायक और हितग्राही कृषक शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल के साथ विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, बघेल मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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