आप विधायक प्रकाश जरवाल को कोर्ट से मिली जमानत

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के एक डॉक्टर की खुदकशी के मामले में गिरफ्तार किए गए आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल आखिरकार दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल ही गई। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैट की पीठ ने जारवाल को 25 हजार के जमानती व इतनी की धनराशि के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दी। पीठ ने जारवाल को निर्देश दिया कि वे सुबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और न ही गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।
पीठ ने कहा कि आरोपित 9 मई से न्यायिक हिरासत में है और मामले की जांच और ट्रायल पूरा होने में समय लगेगा, ऐसे में याचिकाकर्ता की जमानत स्वीकार की जाती है।पीठ ने जारवाल ने याचिका पर सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा कि डॉक्टर ने 18 अप्रैल को खुदकुशी की थी और जारवाल के पास से बरामद किए गए सुसाइड नोट व डायरी में इस तारीख से पहले जारवाल पर किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं मिला है। पीठ ने कहा कि ऐसे में घटना के अपराध में कोई लिंक नहीं दिखाई देता।
पीठ ने यह भी कहा कि जहां तक फरवरी 2020 में हुए विधानसभा चुनाव के लिए टैंकर मालिकों से फिरौती का आरोप है इस संबंध में मृतक डॉक्टर के परिजनों द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई। पीठ ने कहा कि सुसाइड नोट और डायरी मिली है, जिसमें कोई हस्ताक्षर नहीं है और किसी अन्य दूसरे की हैंडराइटिंग में है। पीठ ने कहा कि इस सब की जांच ट्रायल के दौरान होनी है। पीठ ने यह भी रिकॉर्ड पर लिया कि मामले में सह आरोपित अनिल जारवाल को भी निचली अदालत से अग्रिम जमानत मिली है।
9 मई को गिरफ्तार किए गए जारवाल ने याचिका में कहा था कि डॉक्टर की पत्नी ने उनके खुदकुशी करने के एक सप्ताह बाद यानी 9 अप्रैल को जल बोर्ड में शिकायत की थी। हालांकि, इसमें कहीं भी फिरौती का आरोप नहीं था और न ही उनका नाम ही था। उन्होंने दावा किया था कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और वह 40 दिन से न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने कहा कि उकसाने व फिरौती मांगने का उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है। इससे पहले राउज एवेंयू कोर्ट ने 28 मई को जारवाल की जमानत की दो अर्जी खारिज कर दी थी।
दक्षिण दिल्ली दुर्गा विहार निवासी 52 वर्षीय डॉक्टर ने 18 अप्रैल को खुदकशी कर ली थी और इसके लिए जारवाल को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस का आरोप है कि पानी के टैंकर की सप्लाई के काम में शामिल जारवाल और उनके सहयोगी पानी के टैंकर के मालिकों एवं डॉक्टर से जबरल वसूली करते थे। डॉक्टर के पास से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्हें स्थानीय विधायक की ओर से लगातार परेशान किया जा रहा था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने विधायक प्रकाश जारवाल व अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था।

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