हर घर और खेत तक पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : लोकसभा अध्यक्ष बिरला

-डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, कोटा
वर्ष 2024 तक हर घर तक शुद्ध पेयजल और हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचे यह हमारी प्राथमिकता है। क्षेत्र का विकास मेरा दायित्व है और इसके लिए अपने प्रयासों में कोई कर्मी नहीं आने दूंगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को यह बात बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र में प्रबुद्धजन एवं सामाजिक कार्यकर्ता दीपावली स्नेह मिलन समारोह में कही। खचाखच भरे प्रांगण को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि जलजीवन मिशन के माध्यम से बूंदी जिले में गरड़दा बांध से घर-घर पेयजल पहुंचाने की योजना है। इसके प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इसके अलावा नाॅन कमांड एरिया में भी पानी पहुंच सके, इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर अधिकारियों को दे दी है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का सर्वांगीण विकास के लिए वहां शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और आय के साधन विकसित हों। यह क्षेत्र मुख्यतः कृषि आधारित है। यहां कृषि क्षेत्र में विस्तार की अपार संभावनाएं भी हैं। इन संभावनाओं को धरातल पर लाना मेरी जिम्मेदारी है। बिरला ने कहा कि हमने गांवों में शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार के भी लक्ष्य तय किए हैं। हमारी कोशिश है कि क्षेत्र की सभी पीएचसी और सीएचसी में अगले दो वर्षों में सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण हों। गांवों में अच्छे स्कूल हों ताकि हम अपनी भावी पढ़ी को अच्छी शिक्षा और संस्कार दे सकें।

  • अपनाएं कृषि की नई तकनीक

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने मंच से किसानों को प्रगतिशील बन कृषि की नई तकनीक अपनाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि समय अब कम जगह में अधिक उपज प्राप्त कर अपनी आय बढ़ाने का है। किसान अपने खेतों से फसल प्राप्त करें और खेत की मेढ़ पर चारों और फलदार पेड़ लगाएं, इससे उनकी आय बढ़ेगी। उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधे वे जल्द की निशुल्क वितरण के लिए क्षेत्र में भिजवाएंगे।

  • पैतृक गांव ठिकरिया को किया याद

संबोधन के दौरान लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने अपने पैतृक गांव ठिकरिया की चर्चा कर बचपन की यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा कि जब हम छोटे तो सड़क मार्ग विकसित नहीं था। ठिकरिया से किसी अन्य जगह बैलगाड़ी से जाने में घंटो लग जाते थे। साइकिल पर जाते हुए कई बार संतुलन बिगड़ने से गिर भी जाते थे। व्यक्ति चाहे कहीं भी पहुंच जाए, अपनी जड़ों से जरूर जुड़ा रहता है।

  • कार्यकर्ता वहीं जो पद की लालसा नहीं रखे

स्पीकर बिरला ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि मैं कई ऐसे व्यक्तियों को जानता हूं जो बुजुर्ग हो गए परन्तु आज तक सरपंच तक नहीं बन सके, फिर भी वे लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं। कार्यकर्ताओं को पद की लालसा नहीं रखनी चाहिए, पद नहीं मिले तो हताश और उदास होने की जगह अपने कर्म करते रहने चाहिएं।

  • बिरला के आने का मना उत्सव

लोकसभा अध्यक्ष बिरला के तालेड़ा आने को कार्यकर्ताओं ने उत्सव की तरह मनाया। स्पीकर बिरला के स्वागत में कोटा से तालेड़ा तक स्वागत द्वार लगाए गए। जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने गाड़ियां रूकवाकर बिरला का अभिनंदन किया। कार्यक्रम स्थल पर भी घोड़ी नृत्य, मश्क वादन और ढोल की थाप पर कार्यकर्ताओं ने बिरला का स्वागत किया। इस भावभीने स्वागत के लिए स्पीकर बिरला ने मंच पर पहुंच कर सबका आभार जताया।

  • मेडिकल काॅलेज के लिए जताया आभार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बूंदी विधायक अशोक डोगरा ने मेडिकल काॅलेज के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बिरला के प्रयासों से ही बंूदी में मेडिकल काॅलेज बन रहा है लेकिन राज्य सरकार इसका श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। जनता सारी हकीकत जानती है, राज्य सरकार को इसमें कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने बिरला से तालेड़ा क्षेत्र में जीएसएस और रोड कनेक्टिविटी के लिए भी प्रयास करने का आग्रह किया। पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, पूर्व विधायक हीरालाल नागर, बूंदी जिलाध्यक्ष छीतरलाल राणा, ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान तालेड़ा प्रधान राजेश रायपुरिया, के. पाटन प्रधान वीरेंद्र सिंह हाड़ा, नैनवा प्रधान पदम नागर, जिला परिषद सदस्य पुरषोत्तम शर्मा, बूंदी नगर अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल बून्दी नगर अध्यक्ष, राजेन्द्र चैधरी आदि मौजूद रहे।

  • लोकसभा अध्यक्ष ने छठ पर्व की पूर्व संध्या पर दी बधाई

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने छठ पर्व की पूर्व संध्या पर देशवासियों को बधाई दी है। अपने संदेश में श्री बिरला ने कहारू मेरे प्यारे देशवासियों! लोक आस्था के महान पर्व छठ पूजा की आप सबको बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। हमारे देश के पूर्वाञ्चल से आरंभ हुआ यह पर्व आज सही अर्थों में वैश्विक पर्व बन गया है। चार दिनों तक चलने वाला इस पर्व के दौरान सृष्टि के प्राणदाता भगवान भास्कर के रूप में प्रकृति की उपासना आस्था और विश्वास के साथ की जाती है। हमारे पूर्वांचली बंधु विश्व में जहां कहीं भी रहते हैं, अपने परिश्रमी और सेवाभावी स्वभाव से उन्होंने अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उन्होंने भारत की संस्कृति, परम्पराओं और त्यौहारों का भी प्रसार किया है।
यही कारण है कि जब वे इस लोकपर्व को धूम धाम तथा उल्लास से मनाते हैं, तो अन्य धर्मों, संस्कृति, भाषा और देश के लोग भी उनके इस उत्सव का भाग बन जाते हैं। छठ पर्व सच्चे अर्थों में लोक पर्व है। सभी प्रकार के सामाजिक और आर्थिक भेदभाव को भूलकर यह पर्व सामुदायिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
मेरी ईश्वर से कामना है कि छठ का यह पावन पर्व समस्त देशवासियों के जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि लेकर आए। आप सबको पुनः छठ पर्व की मंगलकामनाएं। समस्त देशवासियों पर भगवान भास्कर की कृपादृष्टि बनी रहे, यही कामना है।

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