इस बार पूरे 30 रोजे के बाद मनाया जाएगा ईद-उल-फितर का त्योहार

पवित्र महीने रमजान के बाद अल्लाह की नेमतों को पाने के लिए देशभर में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाएगा। ईद का यह त्योहार रमजान के पूरे होने की खुशी में मनाया जाता है। ईद दुनिया भर के मुसलमानों के लिए खुशी का दिन है। इस्लाम में दो ही खुशी के दिन हैं, ईद-उल फित्र और ईद उल जुहा।
रमजान में पूरे महीने 30 या 29 रोजे रखने के बाद ईद-उल फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस बार पूरे 30 रोज़े रखे गए हैं इसलिए मीठी ईद 25 मई को मनाई जाएगी। रमजान-उल मुबारक माह के बाद ईद-उल-फितर के इस मुबारक दिन सुबह के वक्त मुस्लिम समुदाय के लोग ईदगाह में जमा होकर ईद की नमाज अदा करते हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मद्देनजर लोगों को ईद की नमाज अपने घरों में ही अदा करनी होगी।
नमाज के पहले हर मुसलमान के लिए फितरा देना फर्ज है। फितरे के तहत प्रति इंसान पौने दो किलो अनाज या उसकी कीमत गरीबों को दी जाती है। इसका मकसद यह है कि गरीब भी ईद की खुशी मना सकें। ईद अल्लाह से इनाम लेने का दिन है।

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