मेरी आवाज ही मेरी पहचान है, कार्यक्रम में मीकी नरूला के गीतों पर झूमे श्रोता

विकलांगता दिवस के मौके दिव्यांगों के सहायतार्थ को इंडिया इस्लामिक सेंटर में गीत संगीत के कार्यक्रम ‘मेरी आवाज ही मेरी पहचान है’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जाने-माने गायक/कम्पोज़र मिक्की सिंह नरूला और गायिका बेला सुलाखे ने एकल व युगल गीत पेश किए।
कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांग बच्चों द्वारा गाए फिल्मी गीत ‘अभी न जाओ छोड़ कर’ और ‘जो वादा किया निभाना पड़ेगा’ से हुआ। इसके बाद मंच पर अपनी दिलकश आवाज में गये गीत ‘दिलबर मेरे कब तक मुझे ऐसे ही तड़पाओगे’ पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद ‘तुम पुकार लो…’, ‘मैं तैनू समझावा की…..’ और रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना……’ पर श्रोताओं की जबरदस्त तालियां बटोरी। इसके अलावा मीकी नरूला ने सूफी मेलोडी भी गा कर श्रोताओं को सूफी के रंग में रंग दिया।
बाहर सर्द रातों के बीच सभागार में बैठे श्रोताओं को प्रेम गीतों की गर्माहट का अहसास कराने के लिए मीकी नरूला व पार्श्व गायिका बेला सुलाखे के साथ गए युगल गीत ‘आओगे जब तुम सजना, नाम गुम जाएगा…. आदि गीतों ने श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन हौंसला चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किया गया था।

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