दिल्ली में पहली बार आयोजित होने वाला है डायोरमा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल

नई दिल्ली। दिल्ली में फिल्म निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करने और सिनेमाई कला की प्रशंसा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, डायोरमा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली शहर में पहली बार 14 से 20 जनवरी तक सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। यह सात दिवसीय कल्पात्मक नाटक मनोज श्रीवास्तव द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिन्होंने 2012 तक मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, गोवा सरकार और गोवा की मनोरंजन सोसायटी का नेतृत्व किया, इसमें वास्तविक गुणवत्ता मनोरंजन के साथ बहुशैली विश्व सिनेमा और सिनेमा के व्यवसाय के बारे में कभी ना मिलने वाला अनुभव मिलेगा।
हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्म बिरादरी का संगमय 50 से अधिक देशों की 130 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाना है
यह महोत्सव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेताओं और निर्देशकों की भागीदारी का गवाह बनेगा। अभिनेता जो डायोरमा में शामिल हो सकते हैं वे हैं आमिर खान, मनोज वाजपेयी, जिमी शेरगिल, तापसी पन्नू, दिव्या दत्ता, राधिका आप्टे, आदिल हुसैन, संजय मिश्रा, रणबीर कपूर, रणधीर कपूर, विक्की कौशल। भारतीय मूल के हॉलीवुड अभिनेता एरिक अवारी (दममी) अभिनय पर एक मास्टर क्लास का संचालन करेंगे। इस महोत्सव में 50 से अधिक देशों की 130 से अधिक फिल्में दिखाई जाएंगी। इसमें सम्मेलन, मास्टर क्लास, कार्यशालाएं और फिल्म बाजार भी आयोजित किए जाएंगे, जहां सिनेमा व्यवसाय पर लेन-देन किया जाएगा और 20 से अधिक देश इस गतिविधि में प्रतिनिधित्व करेंगे।
महोत्सव में 25 से अधिक फिल्म श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ काम के लिए लुप्त प्रायः पक्षी के नाम पर स्पैरो (गौरैया) पुरस्कार भी दिया जाएगा और इनका फैसला चार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म जजों द्वारा किया जाएगा, जिसमें अन्य) लोगों के साथ-साथ प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक, निर्माता शामिल हैं।
फिल्म महोत्स्व में जूरी का नेतृत्व सुप्रसिद्ध फिल्मी हस्ति जैसे ईरानी फिल्म निर्देशक दरिश मेहर जुई, जो 1970 के दशक में ईरानी न्यूवेव आंदोलन के संस्थापक थे और व्यापक रूप से अपनी फिल्म जीएवी (1969) के लिए जाने जाते हैं, ब्रिटिश फिल्म निर्माता/निर्देशक निक्क पॉवेल को उनकी फिल्मों दक्राइंग गेम, ब्रिमस्टोन और सिएस्ताय के लिए जाना जाता है, और फिल्म निर्देशक राहुल रवैल और दीपक तिजोरी द्वारा किया जाएगा।
महोत्सव के बारे में बात करते हुए, श्रीवास्तव, जिनके पास 140 से अधिक फिल्म महोत्सवों को संभालने का अनुभव है, ने कहा, “दिल्ली पहली बार ऐसा कुछ देखेगी। यह लंबे समय के बाद सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माताओं का एक हुजुम है। पाँच वर्षों तक गोवा में अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का नेतृत्व करने के बाद, मैंने सोचा कि दिल्ली को भी स्वयं के फिल्म महोत्सव की आवश्यकता है। यह महोत्सव सभी फिल्म के शौकीनों और उत्साही लोगों के लिए उत्साहवर्धक होगा और शहर में अपनी जगह बनाने में उनकी मदद करेगा।”

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