योगी बोले, अब जाति-मत-मजहब नहीं, युवा व किसानों को ध्यान में रखकर होगी राजनीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यूपी में पिछले 15 वर्षों की किसान कभी सरकारों के एजेंडे में नहीं रहा। नतीजतन किसान बदहाल और गरीब होता गया। कर्ज तले दबता गया। जाति-मत-मजहब आधारित राजनीति होती रही, लेकिन अब किसान व युवा केंद्रित राजनीति होगी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व राज्य की भाजपा सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है। किसानों की कर्जमाफी इस ओर ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को स्मृति उपवन पार्क में प्रदेश के पहले ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। यहां केंद्रीय गृहमंत्री व स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में लखनऊ के 7,574 किसानों को कर्जमाफी के प्रमाण पत्र दिए गए। इन किसानों का 44 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हुआ। इनमें से 50 किसानों को अतिथियों ने अपने हाथ से प्रमाण पत्र सौंपे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से किसान उपेक्षित था। जाति की राजनीति होती थी। मत-मजहब के आधार पर योजनाएं बनती थीं। सरकार की योजनाएं तुष्टीकरण की भेंट चढ़ जाती थीं। अब ऐसा नहीं होगा। किसानों के साथ अत्याचार व भेदभाव की छूट किसी को नहीं मिल सकती। किसान किसी जाति, मत-मजहब का नहीं होता। किसान व युवा को समर्पित राजनीति लाएंगे। सुशासन लाकर रहेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव के दौरान ‘अन्नदाता सुखी भवेत्’ की अपेक्षा की थी। हमारी सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में ही 86 लाख किसानों को 36 हजार करोड़ रुपये के ऋण से मुक्ति दिलाने का फैसला किया। तहसील स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में सांसद और विधायक किसानों को ऋणमोचन के प्रमाण पत्र बांटेंगे। सीएम ने स्वच्छ, भ्रष्टाचार मुक्त, संप्रदायमुक्त, जातिवाद, परिवारवाद मुक्त भारत बनाने में किसानों, युवाओं सहित सभी के सहयोग की अपील की।

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