हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने नई दिल्ली में कार्यालय खोला

नई दिल्ली। लक्ष्मी मित्तल साउथ एशिया इंस्टीट्यूट (एसएआई), हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने नई दिल्ली में अपने भारत स्थित मुख्यालय का औपचारिक शुभारम्भ किया। हार्वर्ड यूनीवर्सटी में इंटरनेशनल अफेयर्स के वाइस प्रोवोस्ट तथा चीन के विश्वप्रसिद्ध इतिहासकार प्रोफेसर मार्क इलियट ने इसका उद्घाटन किया। हार्वर्ड इतिहासकार और भारतीय सांसद प्रोफेसर सुगत बोस, एसएआई एग्जीक्युटिव डायरेक्टर मीना हुइट तथा एसएआई के कंट्री डायरेक्टर डाॅ संजय कुमार भी इस मौके पर उपस्थित थे। दक्षिण एशिया इंस्टीट्यूट के भारतीय कार्यालय के खुलने के साथ ही क्षेत्र में हार्वर्ड की गतिविधियों के एक नए दौर की शुरूआत हो गई और यह दक्षिण एशिया में अध्ययन के लिए बड़े पैमाने पर संसाधनों को जुटाने की अतिरिक्त पहल है। साथ ही, यह छात्रों और फैकल्टी को अपने षोध कार्याें को बढ़ाने तथा विषयों की गहरी समझ और अनुभव प्रदान करने का भी अवसर देगा।
लक्ष्मी मित्तल साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर के तौर पर हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर तरुण खन्ना वास्तव में, हार्वर्ड और क्षेत्र में इंस्टीट्यूट के षानदार विकास के दूरद्रश्टा रहे हैं। दिल्ली कार्यालय के औपचारिक उद्घाटन के अवसर पर पूरे महीने चलने वाले समारोहों के सिलसिले में वे 5 अप्रैल, 2018 को ’एसएआई इंडिया सेमीनार सीरीज‘ पर एक वार्ता करेंगे और अनेक भारतीय संस्थानों के साथ इंस्टीट्यूट की भागीदारी पर भी अपने विचार रखेंगे।
इस उद्घाटन के बारे में मार्क इलियट, वाइस प्रोवोस्ट – इंटरनेशनल अफेयर्स, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने कहा, ’’हार्वर्ड को दिल्ली में अपना कार्यालय खोलते हुए बेहद खुषी है, यह देश में हार्वर्ड का तीसरा तथा राजधानी में पहला कार्यालय है। भारत विश्व की महान और प्राचीन सभ्यता की जन्मस्थली, विविधताओं से भरपूर लोगों, धर्मों, भाषाओँ और संस्कृतियों का केंद्र रहा है तथा दुनिया में इसने विशालतम लोकतंत्र के रूप में अपनी पहचान बनायी है तथा दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हार्वर्ड के विद्वानों ने भारत के अतीत और वर्तमान में काफी समय से गहरी रुचि रखी है और हमें खुषी है कि लक्ष्मी मित्तल साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के नई दिल्ली कार्यालय के खुलने के बाद इस क्षेत्र में हम अपनी पकड़ मजबूत बना सकेंगे और साथ ही हार्वर्ड उन श्रेश्ठ विश्वविद्यालयों में बना रहेगा जहां भारत पर केंद्रित अध्ययन किया जा सकता है। इसके अलवा, हमारा मानना है कि दिल्ली कार्यालय के खुलने से हमें भारत के शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थानों के साथ भी गठबंधन करने, तथा विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कला एवं मानविकी के क्षेत्रों में अपने षोध-कार्यों के विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी। भारत और दक्षिण एशिया में रहने वाले हार्वर्ड के अनेक पूर्व छात्रों के साथ ही हमारे घनिष्ठ संबंध है और इस कार्यालय के गठन के बाद हम उन्हें और पुख्ता बना सकेंगे।‘‘
2018 तथा उसके बाद, दक्षिण एशिया संबंधी विषयों के अनेक जाने-माने विद्वान दिल्ली में मुफ्त सार्वजनिक व्याख्यान भी दें। फिलहाल, लक्ष्मी मित्तल साउथ एशिया इंस्टीट्यूट भारत में विभिन्न कार्यक्रमों/शोध परियोजनाओं का संचालन कर रहा है जिसमें बोस्टन बेंगलुरु बायोसाइंस आॅन्त्रप्रेन्योरशिप इन इंडियाः मल्टीडिसिप्लीनरी एप्रोच टू इनोवेटिव सोशल एंटरप्राइजेस, तथा ’लुकिंग बैक, इन्फाॅर्मिंग द फ्यूचर: द 1947 पार्टिशन आॅफ ब्रिटिश इंडिया‘ज द क्राॅसरोड्स इमर्जिंग लीडर्स प्रोग्राम आदि षामिल हैं।

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