पल्टन की रिलीज तारीख का महत्व

निर्देशक जेपी दत्ता ने अपनी आगामी फिल्म ‘पल्टन’ में उन शहीदों को याद किया है जो 1967 में भारत और चीन के बीच हुए युद्ध में देश के लिए शहीद हो चुके है। इस श्रद्धांजलि को और भी विशेष बनाने के लिए, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता ने यह सुनिश्चित किया है कि जी स्टूडियो के साथ सहयोग में बनी इस फिल्म को वास्तविक घटना की तारीख के करीब रिलीज किया जाए, जिससे फिल्म की कहानी प्रेरित है। इसलिए, अर्जुन रामपाल, सोनू सूद, हर्षवर्धन राणे और गुरमीत चौधरी अभिनीत यह फिल्म इस वर्ष 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
रिलीज की तारीख महत्वपूर्ण है क्योंकि यह युद्ध ड्रामा उसी सप्ताह में रिलीज हो रही है जब 50 साल पहले 11 सितंबर को सिक्किम सीमा पर भारतीय-चीनी युद्ध का आगाज हुआ था। संघर्ष तब शुरू हुआ जब हमारे सैनिकों ने चीनी समकक्षों की मांग के अनुसार, बॉर्डर समझे जाने वाले नाथू ला से सेबू ला पर फेंसिंग न बिछाने की डिमांड को मानने से इनकार कर दिया था। 1962 के चीन-भारतीय युद्ध की जीत से अभिमानी, चीनी ने हमारे सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
जबकि हमारे सैनिकों को शुरुआत में हताहतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने न केवल चीनी सेनाओं को मशीन गन, तोपखाने और मोर्टार के साथ आड़े हाथ लिया, बल्कि दुश्मन को ‘ब्लडी नोज’ भी दिया, जिसने अंततः 15 सितंबर को युद्धविराम का नेतृत्व किया। फिल्म के पोस्टर लॉन्च पर भारत की जीत के बारे में बात करते हुए जेपी ने कहा था, ‘1962 में, चीनी ने युद्ध शुरू किया था और 1967 में, हमने इसे समाप्त किया था। यह हमारे इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।’

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