कैलाश सत्या्र्थी ने ‘दिल्लीं के धाकड़, कहते हैं..लेट्स फाइट कोरोना टुगेदर’ मुहिम के लिये बिग एफएम की सराहना की

दिल्ली। देश के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक बिग एफएम ने समय-समय पर काफी सारी मुहिम चलाकर अपने स्तर को ऊपर उठाया है। हाल ही में उन्होंने अपनी बेहद सराही और पसंद की गयी मुहिम ‘दिल्ली के धाकड़, कहते हैं…लेट्स फाइट कोरोना टुगेदर’ का समापन किया। इस मुहिम का लक्ष्य मौजूदा महामारी से लड़ रहे दिल्ली और एनसीआर वासियों का डर खत्म करना और उनमें सकारात्मकता लाना था। एक सप्ताह तक चली एक्टिविटी के साथ इस मुहिम का समापन किया गया, जिसमें ऑन-एअर लगभग 100 धाकड़ों को उनके शानदार कार्य के लिये सम्मानित किया गया। इन धाकड़ों में एनजीओ, संस्थाएं, प्राधिकारी, हेल्थाकेयर वकर्स और अलग-अलग क्षेत्र के लोग थे जिन्होंने मानवता को कोविड-19 की मौजूदा परेशानी से ऊपर रखा। बिना रुके काम करने वाले उन वॉरियर्स को सम्मानित करने के लिये एक डिजिटल मीट भी रखी गयी, जिसमें बतौर चीफ गेस्ट कोई और नहीं बल्कि शांति का नोबेल पुरस्कार प्राप्ति करने वाले श्री कैलाश सत्या र्थी उपस्थित थे। उन्होंने वहां मौजूद सभी धाकड़ों का हौसला बढ़ाने वाली बातें कहीं।
इस ऑनलाइन मीट में अलग-अलग संस्थान, एनजीओ, लोग और उनकी टीम सेशन के लिये उपस्थित थे। वह सेशन काफी इंटरेक्टिव और दिलचस्प रहा। इस मुहिम का नेतृत्व करने वाले दिल्ली के आरजे खुराफाती नितिन, आरजे जस्सील, आरजे सिमरन और आरजे योगी, ने समाज में शानदार कार्य करने वाले सभी धाकड़ों के नाम पुकारे और अपना आभार व्यक्त, किया। इसके बाद आरजे जस्सी और दिल्ली के सबसे पहले कोविड-19 के 19 वर्षीय मरीज रोहित दत्ता् के बीच काफी दिलचस्प बातचीत हुई। उन्होंने सकारात्मकता के साथ कोविड-19 से लड़ने के अपने अनुभव बताये।
इस सेशन के जोश को और बढ़ाते हुए दिल्ली् पुलिस के वायरल सेंसेशन रजत राव और रॉकनामा बैंड की लीड वॉकलिस्ट शाहीन सलमानी ने ना केवल धाकड़ों का मनोरंजन किया, बल्कि उन्हें यह महसूस कराया कि उन्हें इसी तरह समाज के लिये अपना काम जारी रखना चाहिये। इसके साथ ही दिल्ली के धाकड़ के हरेक व्यक्ति/संस्था व पार्टनर को सराहना के लिये ई-सर्टिफिकेट भेजा गया। उन्हें यह सर्टिफिकेट उनके अद्भुत कार्य के लिये सम्मान के तौर पर दिया गया।
शांति का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले कैलाश सत्यार्थी ने कहा, ‘’मैं कहना चाहूंगा कि हमें ना केवल उन फ्रंटलाइन वर्कर्स के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिये, बल्कि उस हरेक व्यक्ति के प्रयासों की सराहना करनी चाहिये, जोकि परीक्षा की इस घड़ी में यथासंभव अपना योगदान दे रहे हैं। आभार की इस सप्लाय चेन से एक मजबूत और शांतिपूर्ण समाज बनाने में मदद मिल सकती है। मैं दिल्लीे के सभी धाकड़ों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपनी क्षमता से बढ़कर समाज के लिये मिलकर अपना कर्तव्य निभाया और समाज की सेवा की।‘’
बिग एफएम के प्रवक्ता इस मुहिम के बारे में बताते हुए कहते हैं, ‘’दिल्ली के धाकड़, मुहिम के माध्यम से, हम दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रेरित करने की कोशिश कर रहे थे ताकि वह सकारात्माकता के साथ इस मौजूदा महामारी से लड़ सकें। एक मकसद के साथ अग्रसर रहने वाले ब्रांड होने के कारण हमारी सबसे पहली और सबसे अहम प्राथमिकता हमारे श्रोता रहे हैं। इस मुहिम की शुरुआत अपने श्रोताओं की हालत में सुधार लाने और उनकी सलामती के उद्देश्य से की गयी थी। हमें इस बात की बेहद खुशी है कि काफी संख्या में लोग आगे आये और हर संभव मदद देने की पेशकश की। उनके निःस्वार्थ सहयोग के लिये हम उनका जितना भी शुक्रिया अदा करें कम है। उनकी वजह से यह मुहिम सफल हो पायी। हमें उम्मीद है कि हम आगे भी इसी तरह के अच्छे काम करते रहेंगे और समाज की बेहतरी में योगदान दे पायें।‘’
इस मुहिम ने अभिषेक सिंह (सीईओ, mygov.in), एंटो अल्फाज (डीसीपी, द्वारका), दीपक साहनी (सीईओ, हेल्थियंस), देव प्रताप (वॉयस ऑफ स्लमम्स), डॉ. अर्जुन डांग (सीईओ, डॉ डांग्सा लैब), कविता अशोक (समाजविद् तथा पर्यावरण कार्यकर्ता), कविता कृष्णमूर्ति (गायिका), मैथ्यू चेरियन (सीईओ, हेल्पेज इंडिया), रेखा शर्मा (एनसीडब्‍ल्‍यू चेयरपर्सन), डॉ. चिन्ना दुआ (श्री इंफ्लूएंसर), मनीष त्रिपाठी (फैशन डिजाइनर), धीरज नौभर (को-फाउंडर तथा सीईओ, डीआरओआर), अद्वैत काला (स्क्रीन राइटर), आर्यमन सेठी (म्यूीजिशियन), पीयूष रोहनकर (एसडीएम, दिल्ली, केंट), पूनम बगई (फाउंडर, कैनकिड्स), राकेश सेंगर (लीड्स दिल्ली, चैप्टर), देव प्रताप (फाउंडर, वॉयस ऑफ स्लम्स), मनप्रीत सिंह (फाउंडर, द जॉय ऑफ गिविंग), जैसे लोगों और संस्थानों को सम्मापनित किया गया।
इस मुहिम के माध्यम से बिग एफएम ने तनावग्रस्त लोगों को संबोधित करने और उन्हें अथॉरिटीज से जोड़ने का प्रयास किया बल्कि मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद मांगी जिन्होंने सही दिशा में उन्हें मार्गदर्शन किया। मदद का हाथ बढ़ाने के इच्छुक अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने वाली इस मुहिम का समापन आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

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