युवा फुटबॉलर्स की मदद के लिए ड्रीम स्पोर्ट्स फाउंडेशन ने बाईचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल के साथ मिलाया हाथ

नई दिल्ली। भारत की प्रमुख स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक ड्रीम स्पोर्ट्स की परोपकारी इकाई ड्रीम स्पोर्ट्स फाउंडेशन (DSF) ने छह प्रतिभाशाली युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की मदद के लिए बाईचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल (BBFS) रेजिडेंशियल अकादमी के साथ भागीदारी में ‘डेयर टू ड्रीम’ पहल की शुरुआत की है।
इंडियन फुटबॉल फाउंडेशन द्वारा समर्थित, जो बीबीएफएस की एक सहयोगी संस्था है, युवा संभावनाएं 12 से 17 वर्ष की आयु के बीच हैं और मणिपुर, मेघालय और उत्तराखंड की चुनौतीपूर्ण पृष्ठभूमि से हैं। इस पहल के हिस्से के रूप में, डीएसएफ उन्हें प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा और अगले एक साल तक उनकी शिक्षा, पोषण और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन के लिए समर्थन उपलब्ध कराएगा।
भागीदारी के बारे में बात करते हुए, पूर्व भारतीय फुटबॉल कप्तान बाईचुंग भूटिया, जिन्होंने स्कूल की स्थापना भी की है, ने कहा, “हम ड्रीम स्पोर्ट्स फाउंडेशन के साथ भागीदारी कर रोमांचित हैं। हमारा मिशन देश में फुटबॉल खेलने वाले प्रत्येक बच्चे को समान अवसर प्रदान करना है और डीएसएफ के समर्थन से इसे और अधिक मजबूती मिली है। हमें पूरा भरोसा है कि अनुभवी कोचों और खेल पेशेवरों का मार्गदर्शन प्रतिभाशाली युवाओं को भारत के लिए भविष्य का बेहतर फुटबॉल खिलाड़ी बनने में मदद कर सकता है।”
‘डेयर टू ड्रीम’ पहल के बारे में बताते हुए, भावित सेठ, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और सह-संस्थापक, ड्रीम स्पोर्ट्स ने कहा, “हमें बाईचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल के साथ गठजोड़ करने पर गर्व है, जो भारत के युवा खिलाड़ियों को सशक्त बनाने के हमारे जुनून को साझा करता है। इस भागीदारी के माध्यम से, हम युवा प्रतिभाशाली संभावनाओं की पहचानेंगे और उनका पोषण करेंगे और उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में उनका समर्थन करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”
भारत के सबसे बड़े फुटबॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, बीबीएफएस रेजिडेंशियल अकादमी के वर्तमान में चार कैम्पस, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली एनसीआर और केरल में, हैं। इनका लक्ष्य अपने छात्रों को पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी बनने और भारत एवं विदेशों में अग्रणी क्लबों के लिए खेलने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करना है।
हाल ही में, ड्रीम स्पोर्ट्स फाउंडेशन ने इम्फाल की छह प्रतिभाशाली और नवोदित महिला मुक्केबाजों को प्रशिक्षण, शिक्षा और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए मैरी कॉम रीजनल बॉक्सिंग फाउंडेशन (MKRBF) के साथ भागीदारी की है। कोविड-19 महामारी के दौरान, डीएसएफ ने “बैक ऑन ट्रैक” कार्यक्रम के हिस्से के रूप में संकट से प्रभावित खेल उद्योग के लगभग 4500 लाभार्थियों की भी मदद की है।

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