होटल हादसे को लेकर ज्योतिरादित्य ने प्रशासन पर लगाए संगीन आरोप

इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां तीन मंजिला होटल ढहने के भीषण हादसे के बाद चलाये गये बचाव अभियान में गंभीर चूक के आरोप लगाते हुए कहा, ऐसा लगता है कि प्रशासन की ज्यादा रुचि ढहे होटल के मलबे को जल्द से जल्द उठवाने में थी। इस हादसे में दो महिलाओं समेत 10 लोगों की मौत हो गयी थी।
सिंधिया ने शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में होटल हादसे के दो घायलों से मुलाकात की। इसके बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मैं हालांकि इस दुःखद मामले का राजनीतिकरण कतई नहीं करना चाहता। लेकिन मुझे बताया गया है कि होटल के जिस मलबे में लोग दबे थे, उस पर भीषण हादसे के चंद घंटों बाद अर्थ मूविंग मशीनें और बुलडोजर चढ़ा दिये गये। अगर यह चूक नहीं की जाती, तो संभवतः कुछ लोगों की जान बच सकती थी।’’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘लगता है कि प्रशासन ने मलबे में दबे लोगों को ढूंढ कर उनकी जान बचाने के जतन के मुकाबले जल्द से जल्द मलबा उठवाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखायी।’ ‘ऐसे आपात मामलों में पूरी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ बचाव अभियान चलाया जाना चाहिये। लेकिन मुझे मालूम पड़ा है कि ऐसा नहीं किया गया। इस मामले में बचाव अभियान की आदर्श प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।’
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रशासन को मलबे के नीचे जीवन के संकेत खोजने के लिये अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करना चाहिये था। इसके बाद दबे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का इंतजाम किया जाना चाहिये था। बचाव अभियान में मलबा हटाने वाली भारी मशीनों के बजाय आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद ली जानी चाहिये थी।
उन्होंने मांग की कि बचाव अभियान की कथित चूक की उच्चस्तरीय जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाये। इसके साथ ही, शहर की सभी पुरानी इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाये।
अधिकारियों ने बताया कि सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र में रविवार रात एमएस होटल ढहने के मामले में पुलिस ने इसके मालिक शंकर परियानी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के साथ जिला प्रशासन और इंदौर नगर निगम भी अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।

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