धानुका एग्रिटेक और FICCI ने जल संरक्षण के स्थायी समाधान को बढ़ावा देने के लिए गठबंधन किया

नई दिल्ली। विश्व जल दिवस (वर्ल्ड वाटर डे) के अवसर पर भारत की अग्रणी एग्रोकेमिकल्स कंपनी धानुका एग्रिटेक लिमिटेड ने ‘‘वर्ल्ड वाटर डे‘‘ सम्मेलन को अपना सहयोग प्रदान किया। इस सम्मेलन का आयोजन भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघ ( FICCI ) द्वारा ‘‘किसानों की आय दुगुनी करने में पानी की भूमिका‘‘ पर किया गया था। इसका उद्देश्य कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों में जल के संवहनीय इस्तेमाल को बढ़ावा देना था। माननीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी, और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार मंत्री श्री नितिन गडकरीय संसदीय मामलों और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार के लिए राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवालय पद्मभूषण डाॅ. आर.बी सिंह ने अन्य सम्मानित अधिकारियों के साथ सम्मेलन को संबोधित किया और वर्षा जल संचयन एवं आधुनिक सिंचाई तकनीकों पर चर्चा की जिससे किसानों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
धानुका एग्रिटेक हर साल 16-22 मार्च को ‘विश्व जल सप्ताह‘ का जश्न मनाता है जिसके अन्र्तगत कंपनी के 1100 से ज्यादा कर्मचारी भारत भर में किसान सभा का आयोजन करते है और जल संरक्षण के बारे में जानकारी देते है । इसके तहत भारत भर के स्कूलों में कई गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इन गतिविधियों को बच्चों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए तैयार किया जाता है। इसी दृष्टिकोण के साथ, इस साल कंपनी ने देश भर में 200 स्कूलों में ड्राॅईंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इसमें 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। अभी तक, 1000 स्कूलों ने धानुका एग्रिटेक लिमिटेड की ‘‘सेव वाटर‘‘ पहल में हिस्सा लिया।
इस बारे में श्री आर.जी अग्रवाल, चेयरमैन, धानुका एग्रिटेक लिमिटेड और क्राॅप प्रोटेक्शन केमिकल पर फिक्की की उप-समिति ने कहा, ‘‘पानी हर किसी के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है, खासतौर से कृषि क्षेत्र में इसकी अहमियत सबसे ज्यादा है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा बर्बादी के कारण यह दिनोंदिन कम होता जा रहा है। एक शोध के अनुसार बारिश का 70 प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है और सिर्फ 30 प्रतिशत की बचत हो पाती है। इस गंभीर मुद्दे से निपटने के लिए, धानुका कई वर्षों से अनेक कार्यक्रम चला रहा है और विभिन्न नवोन्मेषी समाधानों को लेकर आया है। मुझे फिक्की के साथ सहयोग करके बहुत खुशी हो रही है क्योंकि इससे हमें पानी की बचत करने के लिए बेहतर समाधान हासिल करने में मदद मिलेगी और हम भावी पीढ़ी के लिए इस प्रमुख संसाधन को बचाने के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेंगे।‘‘
लगभग एक दशक पहले पानी की आसन्न कमी को देखते हुये, कंपनी ने ‘‘खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में‘‘ नामक अपना प्रमुख कैंपेन शुरू किया जो जल संरक्षण पर लोगों को शिक्षित करता है और उनमें जागरुकता फैलाता है। कंपनी हर साल प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर विश्ल जल दिवस मनाता है। बारिश के पानी को संरक्षित रखने के लिए कंपनी ने पहले भी जुगालपुरा, देवीपुरा (सीकर जिले), मैनपुरा की धानी और संकोटरा (जयपुर जिला), राजस्थान में चेक डैम्स का निर्माण कराने के लिए वित्त पोषण प्रदान किया था। यह बांध पूरी तरह परिचालन में हैं और बारिश के पानी से भरे हुये हैं।
कंपनी द्वारा राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न वर्षा जल संचयन इकाईयों का क्रियान्वयन किया जा रहा है ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्यापत पानी मिल सके। इसके अलावा, धानुका ने राजस्थान में बनेठी गांव में एक ‘कम्युनिटी वाटर सेंटर‘ भी स्थापित किया है जोकि लोगों को पेयजल उपलब्ध कराता है। कंपनी सिंचाई के लिए जल संरक्षण में सरकार के एजेंडा को दृढ़ता से सपोर्ट करती है और ‘पर ड्राॅप मोर क्राॅप‘ के जरिये जल की दक्षता बढ़ाने के लिए ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना‘ को बढ़ावा देती है।

 

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