‘एक विलेन’ की छठी वर्षगांठ के मौके पर, श्रद्धा कपूर के किरदार ‘आयशा’ ने सिखाया हमें जिन्दगी का यह पाठ

श्रद्धा कपूर ने पर्दे पर विविध किरदारों के साथ हमारा मनोरंजन किया है, और इन सभी किरदारों ने दर्शकों के दिलों में एक विशेष जगह बना ली है। लेकिन, फिल्म- एक विलेन से ‘आयशा’ का किरदार सबसे ज्यादा पसंद किया गया है और इस फिल्म की रिलीज के छह साल पूरे हो गए है। इस विशेष अवसर पर बधाई देते हुए, ‘आयशा’ ने हमें सिखाया:

हर परिस्थिति में खुश रहना : आयशा हमेशा हर चीज को सकारात्मक तरीके से देखती थी और एक सुस्त दिन को रंगीन बनाना वह बखूबी जानती थी। यह किरदार भीतर से मजबूत था और उसने अपनी चमक को कम नहीं होने दिया। उनकी मुस्कान पर हर कोई अपना दिल दे बैठा था!

खुल कर जीना : आयशा ने हमें हमेशा पूर्ण रूप से जीवन जीने और वह सब कुछ करना सिखाया है जो हम हमेशा करना चाहते थे, ताजी हवा की सांस की तरह। उनका किरदार पूरी तरह से स्वतंत्र था और उन्होंने बताया कि यह हमें अपने दिन को जीना चाहिए और यही मायने रखता है।

सपनों की किताब अपने पास रखने वाली एक लड़की : उसके पास सपनों की एक किताब थी जो सिर्फ उसकी नहीं थी बल्कि उस किताब में हमारी सूची भी शामिल थी। इसकी हाइलाइट वह थी जब उसने एक बुजुर्ग जोड़े की शादी करवा दी थी, जिसमें दिखाया गया है कि सच्चे साथी को खोजने के लिए उम्र मायने नहीं रखती है और यह प्यार ही है जो मायने रखता है। एक अन्य, वह कैसे बारिश में एक मोर को डांस करते हुए देखना चाहती थी और साथ ही, एक समुद्र तट पर साफ नीले पानी के किनारे वह कुछ पल बिताना चाहती है और यह दृश्य निश्चित रूप से फिल्म से हमारी यादों को अधिक ताजा कर देता है।

निडर : आयशा जानती थी कि अंतिम परिणाम के बारे में चिंतित हुए बिना निर्भय होकर अपनी सारी लड़ाई लड़नी है, जो कि एक अन्य सबक है जिस पर हमें ध्यान देना चाहिए। निर्भीक स्वभाव ने उन्हें जिन्दगी की लड़ाई को आसानी से लड़ने में मदद की है।

एडवेंचरस : एक और बात आयशा बेहद रोमांचित थी, जिसमें दिखाया गया है कि हम किस तरह से लाइफ किंग साइज जीते हैं, अपना रास्ता खुद बनाते हैं और उसे तय करते हैं। वह मानती है कि अंत में, एडवेंचर से ही खूबसूरत यादें बनती है जिसने एक बार फिर हमारे चहरों को मुस्कान से भर दिया है।

हर किसी की मदद करना : एक अन्य विशेषता जो हमें पसंद है वह यह है कि आयशा की सबसे पसंदीदा चीज दूसरों की मदद करना है चाहे वह किसी भी तरह से हो। आयशा की इस खूबी ने गुरु को एक गुंडे से एक सज्जन में बदल दिया क्योंकि उसने अपना दर्द साझा किया और उसे प्रेम व दयाभाव के साथ एक अंधेरी जगह से बाहर निकालना सुनिश्चित किया। गुरु को आयशा की मदद की जरूरत थी।

वास्तव में, आयशा वह है जिसने हमारे दिलों को जीता है और उपरोक्त सभी कारण इस बात के प्रमाण हैं कि श्रद्धा का यह किरदार हमारे दिलों के कितना करीब है। श्एक विलेनश् श्रद्धा कपूर की एक क्लासिक मस्ट-वॉच फिल्म बन गई है, न केवल ’आयशा’ का किरदार बल्कि, फिल्म के गानों ने भी हमारे दिलों में घर कर लिया है।

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